IPL 2026: अब मैच का रुख विदेशी नहीं, बल्कि भारतीय बल्लेबाज तय कर रहे हैं. इस सीजन में भारतीय बल्लेबाजों ने विदेशी दिग्गजों को उन्हीं के खेल में पछाड़ते हुए उनसे कहीं ज्यादा आक्रामक स्ट्राइक रेट से रन बटोरे हैं. गेंदबाजी के मामलों में बिलकुल उल्टा है. जहां भारतीय गेंदबाज पूरे सीजन रन रोकने और विकेट निकालने के दबाव में जूझते नजर आए, वहीं विदेशी गेंदबाजों ने कम संख्या में होने के बावजूद अपने अनुभव और वैरिएशंस से कहर बरपाया और ज्यादा असरदार साबित हुए. साल 2026 में भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन पिछले सीजन की तुलना में कितना बदला है और आंकड़ों का गणित क्या कहता है.
IPL 2026 में भारतीय बल्लेबाजों का जलवा
वह दौर अब बीत चुका है जब भारतीय बल्लेबाज सिर्फ पारी संभालने का काम करते थे और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का जिम्मा विदेशी दिग्गजों पर होता था. अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है. आज के युवा भारतीय खिलाड़ी पहली ही गेंद से आक्रामक रुख अपनाकर मैच का रुख तय कर रहे हैं. आंकड़ों में भी यह बदलाव साफ दिखता है. IPL 2026 में भारतीय बल्लेबाजों ने 157.01 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. जो पिछले सीजन के 152 के मुकाबले एक बड़ी छलांग है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार भारतीयों ने विदेशी खिलाड़ियों को भी पीछे छोड़ दिया है. इस सीजन विदेशी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 155.37 रहा, जो पिछले साल लगभग 153 था.
रनों की बौछार में भारतीय और विदेशी दोनों पिटे
इस सीजन में रनों का सैलाब ऐसा आया कि गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए. भारतीय गेंदबाजों की बात करें, तो इस बार उन्होंने कुल 506 विकेट चटकाए, जो 2025 के 533 विकेटों के मुकाबले कम हैं. विकेट तो घटे ही, साथ ही वे काफी महंगे भी साबित हुए; उनकी इकोनॉमी रेट पिछले सीजन के 9.42 से बढ़कर इस बार 9.79 पर पहुंच गई. सिर्फ भारतीय ही नहीं, विदेशी गेंदबाज भी इस सीजन रनों की मार से बच नहीं पाए और पिछले साल की तुलना में ज्यादा महंगे रहे. हालांकि, इस के बीच भी विदेशी बॉलर्स, भारतीय गेंदबाजों के मुकाबले थोड़े ज्यादा किफायती साबित हुए.
‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड्स का पूरा लेखा-जोखा
| पैमाना | पिछला सीजन | यह सीजन |
| कुल अवॉर्ड विजेता खिलाड़ी | 53 | 53 |
| भारतीय खिलाड़ी | 35 | 31 |
| विदेशी खिलाड़ी | 18 | 22 |
| टॉप भारतीय परफॉर्मर्स (3-3 अवॉर्ड्स) | श्रेयस अय्यर, क्रुणाल पंड्या | वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन |
इस सीजन एवरेज और स्ट्राइक रेट दोनों ने छुआ आसमान
क्रिकेट में अगर बल्लेबाजी का औसत सुधारना है, तो स्ट्राइक रेट की कुर्बानी देनी होगी, और अगर तेजी से रन बनाने हैं, तो विकेट गंवाने का जोखिम उठाना ही पड़ेगा. लेकिन इस सीजन के आंकड़ों ने इस पुरानी कहावत को पूरी तरह बदल दिया है. इस बार बल्लेबाजों ने न सिर्फ तेजी से रन कूटे, बल्कि क्रीज पर टिककर लंबी पारियां भी खेलीं. यही वजह है कि पिछले सीजन की तुलना में इस बार ओवरऑल बैटिंग एवरेज और स्ट्राइक रेट, दोनों में ही जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई.
IPL इतिहास का सबसे महंगा सीजन
गेंदबाजों के लिहाज से IPL 2026 एक बुरे सपने की तरह रहा, जहाँ हर ओवर में रनों की बरसात हुई. आंकड़ों पर गौर करें तो 2025 में जहाँ गेंदबाजों ने कुल 829 विकेट चटकाए थे, वहीं इस सीजन यह संख्या घटकर महज 813 रह गई. विकेट तो कम मिले ही, साथ ही गेंदबाजों का बॉलिंग एवरेज 31.42 से बढ़कर 32.45 पर पहुंच गया, जिसका सीधा मतलब है कि हर विकेट के लिए पहले से कहीं ज्यादा रन लुटाए गए. ओवरऑल इकोनॉमी रेट पिछले सीजन के 9.50 से बढ़कर 9.76 हो गया, जो कि IPL इतिहास का सबसे महंगा इकोनॉमी रेट है.
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