IPL 2025: एमएस धोनी बने अनकैप्ड खिलाड़ी, CSK को होगा फायदा

IPL 2025: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की संचालन परिषद में शनिवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने फैसला किया कि जिन भारतीय खिलाड़ियों ने कम से कम पांच कैलेंडर वर्ष में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है, उन्हें ‘अनकैप्ड’ खिलाड़ी माना जायेगा.

IPL 2025: महेंद्र सिंह धोनी के अनकैप्ड खिलाड़ी बनने से चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) को फायदा होगा. ताकी अपने स्टार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को रिटेन कर सके जो आखिरी बार 2019 वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में देश के लिए खेले थे.

बीसीसीआई के इस नियम के अनुसार धोनी बने अपकैप्ड खिलाड़ी

बीसीसीआई के अनुसार, अगर कोई भारतीय खिलाड़ी संबंधित सत्र के आयोजन से पहले पिछले पांच कैलेंडर वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट मैच, वनडे, ट्वेंटी 20 अंतरराष्ट्रीय) में शुरुआती एकादश में नहीं खेला है या उसके पास बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध नहीं है तो एक ‘कैप्ड’ (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाला) भारतीय खिलाड़ी ‘अनकैप्ड’ (जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) हो जाएगा.

आईपीएल फ्रेंचाइजी को अधिकतक 6 खिलाड़ियों को कर सकते हैं रिटेन

शनिवार को संचालन परिषद की बैठक में यह फैसला किया गया था कि 10 फ्रेंचाइजी को अपनी पिछली टीम से अधिकतम छह खिलाड़ियों को बरकरार रखने (रिटेन) करने की अनुमति होगी जिसमें नीलामी का एक ‘राइट टू मैच’ (आरटीएम) कार्ड भी शामिल होगा, जिसकी कीमत 120 करोड़ रुपये के बढ़े हुए टीम पर्स में से 75 करोड़ रुपये होगी.

अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए रिटेन करने का खर्चा चार चार करोड़

‘अनकैप्ड’ खिलाड़ी के लिए रिटेन करने का खर्चा चार चार करोड़ रुपये होगा इसलिए सीएसके अगर धोनी को रिटेन भी करती है तो नीलामी के लिए निश्चित रूप से काफी बचत कर सकती है. पिछली मेगा नीलामी में 2022 में एक टीम को चार खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति दी गई थी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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