फिरकी के जादूगर वरुण चक्रवर्ती कर रहे हैं सीक्रेट तैयारी, सफल गेंदबाजी के लिए घरेलू क्रिकेट को श्रेय देते हुए खोला राज

IND vs ENG: भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के सदस्य वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) ने अपनी सफलता के लिए घरेलू क्रिकेट को श्रेय दिया है. कल शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने इसके साथ ही एक और राज से पर्दाफाश किया है.

IND vs ENG: घरेलू टूर्नामेंट में सितारों की वापसी भारतीय क्रिकेट में चर्चा का विषय रही है. खासकर कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग भारत के लिए खेलना चाहते हैं, उनके लिए घरेलू टूर्नामेंट खेलना जरूरी है. भारत के टी20 टीम के प्रमुख सदस्य वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakravarthy) ने शुक्रवार को गंभीर के विचारों को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि लगातार अपने राज्य की टीम तमिलनाडु के लिए सफेद गेंद की प्रतियोगिताओं में खेलने से स्पिनर के रूप में उनके विकास में योगदान मिला है. वरुण ने भारत-इंग्लैंड के बीच दूसरे टी20 मैच से पहले अपनी सफलता के लिए घरेलू क्रिकेट को श्रेय देते हुए एक और खुलासा किया. उन्होंने कहा कि वे अपनी बैटिंग पर भी काम कर रहे हैं. 

वरुण हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी (50 ओवर) में छह मैचों में 18 विकेट लेकर दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (टी20) में भी चमके. उन्होंने कहा, ” घरेलू क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है. मैं कहूंगा कि यह आईपीएल और हमारे द्वारा खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों के बराबर है. मैं सभी को मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलने का सुझाव दूंगा क्योंकि यह बहुत चुनौतीपूर्ण है. हम छोटे मैदानों पर खेलते हैं और मुझे SMAT खेलना बहुत मुश्किल लगता है. घरेलू क्रिकेट ने निश्चित रूप से मुझे बेहतर बनने, अधिक सहज और चौकन्ना होने में मदद की है. इसने मुझे सही समय पर सही तरीके से सोचने में भी मदद की है.” 

सभी चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए

वरुण ने जोर देकर कहा कि गेंदबाजों को बल्लेबाजों से एक कदम आगे रहने की कोशिश करनी चाहिए, भले ही टी20 अनुकूल सतहों और छोटी-छोटी बाउंड्री के साथ बल्लेबाजों के वर्चस्व वाला प्रारूप बन गया हो. उन्होंने कहा,  “टी20 में, लगभग हर जगह, मैदान बहुत छोटे होते हैं. गेंदबाजों के पास छोटे छोर से गेंदबाजी करने की चुनौती होती है. हम इसके लिए भी योजना बनाते हैं. अगर हम कहते हैं कि बल्लेबाज आक्रामक रुख अपनाना चाहते हैं, तो टी20 ऐसा ही है. मैं उनके (इंग्लैंड के) दृष्टिकोण से शिकायत या हैरान नहीं हो सकता. मैं इसकी उम्मीद कर रहा हूं और इसके लिए मेरे पास कुछ योजनाएं हैं. देखते हैं कि वे काम करती हैं या नहीं.” 

बैटिंग प्रदर्शन सुधारने के लिए कर रहे हैं मेहनत

33 वर्षीय ने यह भी कहा कि वह आलराउंडर क्रिकेटर बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं पिछले छह से सात महीनों से अपनी बल्लेबाजी पर काम कर रहा हूं. मैंने अभिषेक नायर (वर्तमान भारतीय सहायक कोच) की मदद से कोलकाता नाइट राइडर्स में अपनी तैयारी शुरू की. इससे मुझे काफी मदद मिली। अभी भी बहुत काम करना बाकी है.”

वरुण चक्रवर्ती पिछले कुछ समय से भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के एक अहम सदस्य बन गए हैं. उन्होंने अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को चकमा देते हुए कुल 14 इंटरनेशल टी20 मुकाबलों में 22 विकेट लिए हैं. जबकि 71 आईपीएल मैचों में उनके नाम 83 विकेट हैं. वरुण ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल एक मैच में 5 विकेट लेकर शानदार खेल दिखाया था. अब चेन्नई की स्पिन के लिए मददगार पिच पर वरुण एकबार फिर जलवा बिखेरते हुए नजर आ सकते हैं.

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