IND vs AUS: ये कैसा ‘सीक्रेट अभ्यास’ कर रही है टीम इंडिया, मच गया इतना हो-हल्ला

IND vs AUS: भारतीय टीम 5 टेस्ट मैच की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुकी है. 12-17 नवंबर तक मेन इन ब्लू अभ्यास में जुटे हुए हैं. इसी बीच पर्थ के वाका स्टेडियम में टीम इंडिया के अभ्यास को लेकर ऑस्ट्रेलियाई अखबार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की. रिपोर्ट में उसने कहा कि भारतीय टीम किसी को अपने अभ्यास सत्र के आसपास फटकने तक नहीं दे रही. इसे लेकर अब बीसीसीआई ने सफाई दी है.

IND vs AUS: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया पर्थ पहुंच चुकी है. सभी खिलाड़ी नेट्स में अभ्यास में जुटे हुए हैं. इसी बीच ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित की जिससे बीसीसीआई को भी सफाई पेश करनी पड़ी. ऑस्ट्रेलिया के ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि वाका स्टेडियम में कुछ निर्माण कार्य हो रहे हैं. लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन ने नवीनीकरण कर रहे श्रमिकों को  भारतीय खिलाड़ियों के नेट सत्र के दौरान फोटो खींचने या ड्रोन के इस्तेमाल के लिए मना किया है.

न हो कोई ताका-झांकी

अखबार के मुताबिक भारत अपने अभ्यास सत्र को गुप्त रखना चाह रहा है. इसका खुलासा वाका मैदान के नवीनीकरण में शामिल श्रमिकों को जारी एक ईमेल के लीक होने से हुआ. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नवीनीकरण कर रहे ‘एडीसीओ कंस्ट्रक्शन’ के एडम सॉजियर द्वारा अपने श्रमिक दल को एक मेल भेजी गई. ई-मेल के अनुसार क्रिकेट प्रशंसकों को भारतीय टीम के अभ्यास सत्र को देखने से रोक दिया गया है. इसके साथ परिसर में काम करने वालों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे टीम के अभ्यास सत्र की ओर ताका-झांकी नहीं करें. प्रशिक्षण सत्रों के दौरान कृपया कोई भी तस्वीर या वीडियो न लें या कोई ड्रोन न उड़ाएं. इन सत्रों को बैठकर देखने से भी बचें.

अखबार ने ईमेल का हवाला देते हुए आगे लिखा कि भारत और भारत ए की टीमें मंगलवार 12 नवंबर से 17 नवंबर तक वाका मैदान पर अभ्यास कर रही हैं. भारतीय टीम मुख्य पिच पर अभ्यास को प्राथमिकता दे रही है. ऐसे में अब काम को रोक दिया गया है. 

Indian team practicing at waca stadium, perth. Image: social media.

बीसीसीआई को देनी पड़ी सफाई

ऑस्ट्रेलियाई अखबार के दावे के विपरीत भारतीय टीम प्रबंधन ने प्रशंसकों को अभ्यास सत्र को देखने की अनुमति दे दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार जब बीसीसीआई के लोगों से पूछा गया तो उन्होंने इस तरह की आधिकारिक सूचना भेजने से साफ इनकार कर दिया. बीसीसीआई अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि भारत या भारत ए की टीम से किसी ने ऐसी कोई मांग नहीं की है. किसी ने आधिकारिक रूप से बंद दरवाजे के पीछे नेट सत्र की मांग नहीं की है. अभ्यास सत्र सभी के लिए खुला है. भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई मीडिया जब तक चाहें देख और कवर कर सकते हैं. अभी तक ऐसी कोई रोक नहीं है. भारतीय टीम के अभ्यास सत्र के वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर आ गए हैं.

दबाव की रणनीति

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया हों या पूर्व खिलाड़ी सभी एक-एक कर दबाव बनाने की रणनीति अपनाते हुए दिख रहे हैं. पहले पोंटिंग ने टीम इंडिया की न्यूजीलैंड के खिलाफ हार को मुद्दा बनाया. कोहली पर मिली जुली टिप्पणी की. गंभीर के जवाब पर उन्हें ‘प्रिकली कैरेक्टर’ बता दिया. पिच क्यूरेटर ने भी सुर में तान मिला कर कहा कि पिच पर तेजी और उछाल होगी. बहरहाल, टीम इंडिया का इस ट्रॉफी में रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. भारत ने हर दो साल में होने वाले इस टूर्नामेंट के पिछले चारों संस्करण जीते हैं. कोच गंभीर ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में युवा खिलाड़ियों से सजी टीम इंडिया के इरादों के बारे में बता दिया था.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान क्यों नहीं जाती भारतीय टीम, क्या हैं वे 5 बड़े कारण?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >