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U19 World Cup: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर दुनिया में अपना डंका बजा दिया है. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को बुरी तरह हराकर इतिहास रच दिया. यह छठी बार है जब भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है. इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उसने एक भी मैच नहीं हारा और चैंपियन बनी.
इस ऐतिहासिक जीत और जश्न के बीच एक खबर ने फैंस को थोड़ा हैरान कर दिया है. वो यह कि वर्ल्ड चैंपियन बनने के बावजूद ICC भारतीय टीम को प्राइज मनी के तौर पर एक भी रुपया नहीं देने वाली है.
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी
फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई. टीम इंडिया ने 50 ओवर में 9 विकेट खोकर बोर्ड पर 411 रनों का स्कोर दिया. इस बड़े स्कोर की नींव रखी युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने. वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की तूफानी पारी खेली. उन्होने अपनी इस पारी के दौरान 15 चौके और 15 छक्के लगाए.
इंग्लैंड को 100 रन से मिली हार
412 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरू से ही दबाव में दिखी. भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. इंग्लैंड के बल्लेबाज संघर्ष करते रहे, लेकिन भारतीय टीम के जोश के आगे उनकी एक न चली. आखिरकार इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने यह मुकाबला 100 रनों से जीत लिया. कप्तान आयुष म्हात्रे ने न सिर्फ अच्छी कप्तानी की, बल्कि अपनी टीम के युवा जोश को पूरे टूर्नामेंट में ठंडा नहीं पड़ने दिया. हर चुनौती का टीम ने डटकर सामना किया.
जीत के बाद खाली हाथ क्यों है टीम इंडिया?
अब आते हैं उस सवाल पर जो हर किसी के मन में है. इतना बड़ा वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी ICC टीम इंडिया को प्राइज मनी क्यों नहीं दे रही? दरअसल, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ICC अंडर-19 मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीतने वाली टीम को कोई कैश प्राइज नहीं मिलता है. फाइनल जीतने पर भारतीय टीम को सिर्फ चमचमाती ट्रॉफी मिली. यह नियम आज का नहीं है, बल्कि पिछले एडिशन में भी ऐसा ही हुआ था. फैंस को लग रहा था कि शायद इस बार कुछ बदलाव हो, लेकिन ICC अपने पुराने नियम पर ही कायम है.
डेवलपमेंट टूर्नामेंट है असली वजह
ICC का मानना है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप कोई कमर्शियल टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि यह एक डेवलपमेंटल टूर्नामेंट है. इसका मतलब यह है कि यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को सीखने, उनका हुनर निखारने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के लिए कराया जाता है.
ICC का तर्क है कि वह क्रिकेट बोर्ड्स को पहले से ही ‘क्रिकेट डेवलपमेंट फंड’ के नाम पर पैसा देती है. अगर वो वर्ल्ड कप जीतने पर अलग से प्राइज मनी देगी, तो यह दो बार पैसा देने जैसा हो जाएगा. इसलिए, इस टूर्नामेंट को सिर्फ अनुभव और स्किल डेवलपमेंट का मंच माना जाता है, कमाई का नहीं.
BCCI कर सकती है पैसों की बारिश
भले ही ICC ने हाथ खींच लिए हों, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को निराश होने की जरूरत नहीं है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने चैंपियंस का ख्याल रखना बखूबी जानता है. उम्मीद पूरी है कि BCCI जल्द ही टीम इंडिया के खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के लिए बड़े इनाम का ऐलान करेगा.
2024 में जब भारत ने U19 वर्ल्ड कप जीता था, तब हर खिलाड़ी को 30 लाख रुपए मिले थे. वहीं, महिला U19 टीम के वर्ल्ड कप जीतने पर पूरी टीम को 5 करोड़ रुपए दिए गए थे.
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