इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टेस्ट क्रिकेट को लेकर कुछ अहम फैसले लिए हैं. अब खराब रोशनी की वजह से खेल रुकने की समस्या को कम करने के लिए सभी टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल का किया जाएगा. हालांकि इसके लिए दोनों टीमों की कप्तानों की सहमति जरूरी होगी.
खराब रोशनी में बेहतर दिखाई देती है गुलाबी गेंद
ICC का मानना है कि गुलाबी गेंद कम रोशनी में बेहतर दिखाई देती है. जिससे मौसम खराब होने या रोशनी कम होने की स्थिति में भी मैच को ज्यादा देर तक जारी रखा जा सकेगा. इसके साथ ही ICC और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) मिलकर स्टेडियम की लाइटिंग और नई तकनीकों पर भी काम करेंगे, ताकि भविष्य में खराब रोशनी के कारण खेल कम से कम प्रभावित हो.
ICC ने हॉक आई डेटा उपयोग करने की मंजूरी दी
ICC बोर्ड की बैठक में मैच अधिकारियों को अवैध गेंदबाजी एक्शन (Illegal Bowling Action) की जांच के दौरान हॉक-आई डेटा का उपयोग करने की मंजूरी भी दी गई है. इससे फैसलों में और अधिक सटीकता आने की उम्मीद है.
इसके अलावा अब टीमों के हेड कोच या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि को निर्धारित ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने की अनुमति होगी. वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 15 मिनट का इनिंग ब्रेक अनिवार्य कर दिया गया है और बल्लेबाजों को खेल दोबारा शुरू होते ही तैयार रहना होगा.
1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे सभी नियम
ICC ने लेग साइड वाइड के ट्रायल नियम को स्थायी रूप से लागू करने की भी मंजूरी दे दी है. साथ ही MCC द्वारा क्रिकेट के नियमों में किए गए बाकी बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे. बोर्ड ने आधिकारिक क्रिकेट के वर्गीकरण से जुड़े कुछ बदलावों को भी मंजूरी दी है. इसके तहत CWC चैलेंज लीग में हिस्सा लेने वाली टीमें अपने टूर्नामेंट चक्र के दौरान अन्य लिस्ट-ए मैच भी खेल सकेंगी.
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