अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021-2023 सत्र (World Test Championship 2021-23 Cycle) को लेकर शेड्यूल और प्वाइंट स्ट्रक्चर (Points Structure ) की घोषणा की. आईसीसी ने पहले सत्र से सबक लेते हुए प्वाइंट में बड़ा बदलाव किया है, जिससे कोई विवाद पैदा न हो.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशप की शुरुआत भारत-इंग्लैंड सीरीज से
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशप 2021-23 सत्र की शुरुआत भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से होगा. जून 2023 में समाप्त होने वाले डब्ल्यूटीसी के दूसरे चक्र में पांच टेस्ट मैचों की केवल दो शृंखलाएं शामिल हैं. इनमें भारत-इंग्लैंड शृंखला के अलावा इस साल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच होने वाली एशेज शृंखला शामिल है. ऑस्ट्रेलिया के अगले साल के भारत दौरे में चार टेस्ट मैच खेले जाएंगे. यह नये चक्र में चार मैचों की एकमात्र शृंखला होगी. 9 टेस्ट टीमें कुल 6-6 शृखलाएं खेलेंगी. इनमें से पिछली बार की तरह तीन शृंखलाएं स्वदेश और तीन विदेश में खेलनी होंगी.
प्वाइंट Structure में बड़ा बदलाव
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशप के अगले सत्र के लिए प्वाइंट Structure में बड़ा बदलाव किया गया है. दूसरे सत्र के दौरान जीत दर्ज करने पर 12 अंक, ड्रॉ पर चार अंक और मैच टाई होने पर छह अंक दिये जाएंगे. इससे पहले प्रत्येक टेस्ट शृंखला के लिये 120 अंक तय किये गये थे. जिससे काफी परेशानी हुई थी. दो टेस्ट मैचों की एक शृंखला में एक टेस्ट जीतने पर टीम को 60 अंक मिल जाते थे, जबकि पांच टेस्ट मैचों की शृंखला में एक मैच जीतने पर केवल 24 अंक मिलते थे.
भारत को खेलना होगा 19 टेस्ट, सबसे अधिक मैच इंग्लैंड को
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनिशप के अगले सत्र में भारत को 19 टेस्ट मैच खेलना है. जिसमें अपने घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो, श्रीलंका के खिलाफ 3 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 मैचों की शृंखला खेलना है. जबकि घर से बाहर टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ 5, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 और बांग्लादेश के लिए 2 मैचों की शृंखला खेलेगी.
