‘बार-बार खुद से सवाल करना पड़ता है’, कुलदीप और ईश्वरन के लिए छलका शार्दुल का दर्द, दिल से निकले अनुभव के अल्फाज

Shardul Thakur on Kuldeep Yadav and Abhimanyu Easwaran: एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 भारत-इंग्लैंड के बीच 2-2 से ड्रॉ रही। इस दौरे पर कुलदीप यादव, अभिमन्यु ईश्वरन और अर्शदीप सिंह को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला. लौटकर शार्दुल ठाकुर ने कुलदीप और ईश्वरन की निराशा पर कहा कि इंतजार कठिन है, लेकिन अवसर मिलने तक धैर्य जरूरी है.

Shardul Thakur on Kuldeep Yadav and Abhimanyu Easwaran: एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का समापन भारत और इंग्लैंड के बीच 2-2 की बराबरी पर हुआ. भारत के इस दौरे पर तीन खिलाड़ी पूरे दौरे पर टीम के साथ रहे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. कुलदीप यादव, अभिमन्यु ईश्वरन और अर्शदीप सिंह. अर्शदीप तो चोट के कराण टीम का हिस्सा नहीं बने, लेकिन कुलदीप और ईश्वरन पर किस्मत और परिस्थितियों का बोझ भारी पड़ा. वहीं किस्मत के धनी शार्दुल ठाकुर को जरूर टीम में मौका मिला. इंग्लैंड दौरे से लौटने के बाद ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने अपने दो साथियों स्पिनर कुलदीप यादव और ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन की निराशा पर बात की.

रेव्सपोर्ट्ज से इंटरव्यू के दौरान शार्दुल ठाकुर ने कहा, “कई बार मैं भी उसी नाव में रहा हूं. एक खिलाड़ी के तौर पर आपको ढेरों भावनाओं से गुजरना पड़ता है. बाहर बैठना आसान नहीं होता, बार-बार खुद से सवाल करना पड़ता है कि आप क्या कर रहे हैं और क्यों खेल का मौका नहीं मिल रहा. इसमें दो बातें हैं. पहली, हर किसी को भारतीय टीम में रहने का सौभाग्य नहीं मिलता. दूसरी, दुर्भाग्य से भारत में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है और सिर्फ 11 ही असली टीम का हिस्सा बन पाते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हमें समझना होगा कि यह शायद वही सर्वश्रेष्ठ 11 हैं, जिन्हें मैनेजमेंट पिच और मौसम की स्थिति के आधार पर चुनता है. आपको अपने मन को समझाना पड़ता है कि यह मेरा मैच नहीं था. लेकिन टीम के साथ यात्रा करना और ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनना भी बहुत मायने रखता है. मेरे पास इस सवाल का कोई आसान जवाब नहीं है, लेकिन खिलाड़ी को एक मौके के लिए धैर्यपूर्वक इंतजार करना पड़ता है.”

कुलदीप लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर

कुलदीप यादव ने अक्टूबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट के बाद से टेस्ट क्रिकेट में हिस्सा नहीं लिया है. 2017 में अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने अब तक सिर्फ 13 टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने 22.16 की औसत से 56 विकेट चटकाए हैं और 4 बार पारी में पांच या उससे ज़्यादा विकेट लिए हैं. कुलदीप को न खिलाने के फैसले की आलोचना भी हुई है, क्योंकि वे एक विकेट लेने वाले स्पिनर माने जाते हैं. उनका स्ट्राइक रेट 37.3 है, जो कम से कम 50 टेस्ट विकेट लेने वाले सभी स्पिनरों में सबसे बेहतर है. 13 मैचों में उन्होंने 56 विकेट लिए हैं और चार बार पारी में पांच विकेट झटके हैं.

ईश्वरन को अब तक नहीं मिला मौका

दूसरी ओर, ईश्वरन लंबे समय से बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं. उन्होंने 101 फर्स्ट क्लास मैचों में 7,674 रन बनाए हैं, औसत 48.87, 27 शतक और 29 अर्धशतक भी दर्ज किए हैं. इसके बावजूद, वे अब तक अपने टेस्ट करियर की शुरुआत का इंतजार कर रहे हैं. उनके बेंच पर बैठे-बैठे अब तक टीम इंडिया के 15 खिलाड़ियों को इंडियन कैप मिल चुकी है. हालांकि ईश्वरन अब भी आश्वस्त हैं कि उनकी किस्मत का ताला खुलेगा, क्योंकि कोच गंभीर ने उनके पिता से वादा किया है कि वे भारतीय टीम में जरूर शामिल होंगे. 

भारत का अगला टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 अक्टूबर से होगा, अब देखना होगा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट क्या इन दोनों खिलाड़ियों को टीम में जगह देगा. हालांकि इससे पहले कुलदीप यादव और अभिमन्यु ईश्वरन अगली बार 2025 की दलीप ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगे. इसमें कुलदीप सेंट्रल जोन और ईश्वरन ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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