‘IND vs PAK एशिया कप मैच न हो, जवान घर वापस नहीं आते और हम क्रिकेट खेलने चले जाते हैं’

Harbhajan Singh calls to boycott IND vs PAK Asia Cup 2025 : भारतीय टीम मौजूदा एशिया कप चैंपियन है, लेकिन 9 सितंबर से शुरू होने वाले टी20 फॉर्मेट के इस संस्करण में भारत-पाकिस्तान मैच पर विवाद है. वर्ल्ड चैंपियंस ऑफ लीजेंड्स में पाकिस्तान का बहिष्कार कर चुके हरभजन सिंह ने ‘देश पहले’ का संदेश देते हुए एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार करने की वकालत की है.

Harbhajan Singh calls to boycott IND vs PAK Asia Cup 2025 : भारतीय क्रिकेट टीम मेंस एशिया कप की मौजूदा चैम्पियन है. पिछले संस्करण में उसने श्रीलंका को 10 विकेट से हराकर अपना आठवां खिताब जीता था, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम द्वारा जीते गए सबसे ज्यादा खिताब हैं. एक साल की देरी से तीसरी बार टी20 फॉर्मेट में यह टूर्नामेंट 9 सितंबर से फिर शुरू होने वाला है. लेकिन इस बार परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं. भारत-पाकिस्तान में तनाव के चलते इसको लेकर काफी विरोध हो रहा है. भारतीय क्रिकेट के दिग्ग्जों ने वर्ल्ड चैंपियंस ऑफ लीजेंड्स में पाकिस्तान का बहिष्कार करते हुए खुद को लीग से बाहर ही कर लिया. अब इसी टीम के दिग्गज हरभजन सिंह ने ‘देश पहले’ के संदेश के साथ आगामी एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैचों का बहिष्कार करने की जोरदार वकालत की है. 

उन्होंने सरहद पर जवानों की कुर्बानी को याद करते हुए मीडिया द्वारा पाकिस्तान को दी जाने वाली अहमियत पर सवाल उठाया. हरभजन के लिए देश पहले है और उनका मानना है कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम को पड़ोसी देश से मैच खेलने से इनकार करना चाहिए. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए इंटरव्यू में कहा, “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. हमें उन्हें इतनी अहमियत क्यों देनी चाहिए? हमारे देश का वो जवान जो सरहद पर खड़ा है, जिसकी फैमिली कई बार उसे नहीं देख पाती, जो कई बार शहीद हो जाता है और घर वापस नहीं लौट पाता, उनकी कुर्बानी हम सबके लिए इतनी बड़ी है कि उसके सामने एक क्रिकेट मैच न खेलना बहुत छोटी बात है.”

‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’

हरभजन का कहना है कि जब तक सीमा पर गोलीबारी और दोनों देशों के बीच तनाव खत्म नहीं होता, तब तक क्रिकेट जैसे मामले बहुत छोटे हैं. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का भी यही स्टैंड है ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते.’ जब तक ये बड़े मुद्दे हल नहीं होते, क्रिकेट की कोई अहमियत नहीं. देश हमेशा पहले आता है. चाहे आप खिलाड़ी हों, अभिनेता हों या कोई और देश से बड़ा कोई नहीं है. देश के सामने क्रिकेट मैच न खेलना बहुत मामूली बात है.” हरभजन ने आगे कहा, “हमारे सरहद पर भाई खड़े हैं, जो हमें और हमारे देश को बचा रहे हैं. उनके हौसले देखो, कितने बड़े दिल से वहां खड़े रहते हैं. उनके परिवार पर क्या बीतती है जब वे घर वापस नहीं आते और हम क्रिकेट खेलने चले जाते हैं.”

मीडिया इतनी अहमियत क्यों देता है?

हरभजन सिंह ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान को बेवजह अहमियत नहीं दी जानी चाहिए. उनके अनुसार, जब देश ने पाकिस्तान का बहिष्कार कर रखा है, तो न्यूज चैनलों को भी उन्हें दिखाने से बचना चाहिए. मीडिया का यह फर्ज है कि इसे रोके. उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया को आग में घी डालने जैसा काम नहीं करना चाहिए, क्रिकेटरों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाना चाहिए और उनकी प्रतिक्रियाओं को टीवी पर प्रसारित नहीं करना चाहिए. हरभजन के मुताबिक, वे अपने देश में बैठकर कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन हमें उन्हें हाईलाइट नहीं करना चाहिए.

एशिया कप में भारत की स्थिति

भारत को ग्रुप ए में ओमान, मेजबान यूएई और पाकिस्तान के साथ रखा गया है. ग्रुप बी में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, हांगकांग और श्रीलंका शामिल हैं. भारत अपने अभियान की शुरुआत 10 सितंबर को यूएई के खिलाफ करेगा, जबकि पाकिस्तान के साथ हाई वोल्टेज मुकाबला 14 सितंबर को होगा. भारत पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं, ऐसे में दोनों टीमों के बीच 21 सितंबर को एक और मैच होने की संभावना बन सकती है. टूर्नामेंट का फाइनल 28 सितंबर को खेला जाएगा. 

ये भी पढ़ें:-

‘सोचकर दिमाग हिल जाता है कि…’ डिविलियर्स ने 9 IPL टीमों को लताड़ा, इस सेंचुरी के बाद CSK को बताया लकी

शाई होप ने ब्रायन लारा के रिकॉर्ड की बराबरी कर मचाया तहलका, पाकिस्तान के खिलाफ इतनी गेंद में जड़ा धुआंधार शतक

गोल्डन डक पर मोहम्मद रिजवान क्लीन बोल्ड, गेंद ने बेल्स को ऐसे चूमा कि हैरान रह गया पाकिस्तानी कप्तान, देखें वीडियो

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >