Watch Video: फोन, पासपोर्ट तो अलग बात है, रोहित शर्मा चैंपियंस ट्रॉफी ही छोड़कर निकल लिए

Champions Trophy: टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा अपनी भूलने की आदत के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर अपना फोन, पासपोर्ट और जरूरी चीजें बस या होटल में भूल जाते हैं. इस बार वह चैंपियंस ट्रॉफी ही उठाना भूल गए. इसका वीडियो वायरल है.

Champions Trophy: रोहित शर्मा को एक भुलक्कड़ क्रिकेटर कहा जाता है. कई बार वह अपना पासपोर्ट, फोन और अन्य सामान भूल जाते हैं, लेकिन रविवार को भारतीय कप्तान मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के बाद मीडिया रूम में चैंपियंस ट्रॉफी ही भूल गए. रोहित ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराने के बाद मीडिया को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने अपने रिटायरमेंट सहित कई दिलचस्प विषयों पर बात की. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद रोहित ट्रॉफी वापस अपने साथ ले जाना भूल गए. सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य को ट्रॉफी उठाकर रोहित को यह याद दिलाना पड़ा कि वह कितनी कीमती चीज छोड़कर जा रहे हैं.

कई बार रोहित भूल चुके हैं अपने सामान

रोहित शर्मा कई बार अपने सामान भूलने के लिए जाने जाते हैं. वह कई बार अपना पासपोर्ट और फोन टीम बस और होटल में भूल चुके हैं।.लेकिन, प्रशंसकों को उम्मीद नहीं थी कि वह हाल ही में जीती गई प्रतिष्ठित चैंपियंस ट्रॉफी को उठाना भूल जाएंगे. यह हंसाने वाला क्षण तब आया जब रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने वनडे भविष्य को लेकर सभी अटकलों पर विराम लगा दी. कप्तान ने पुष्टि की कि उनका इस प्रारूप को छोड़ने का अभी कोई इरादा नहीं है.

संन्यास पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मैं इस (वनडे) प्रारूप से संन्यास नहीं लेने जा रहा हूं. आगे बढ़ते हुए कृपया अफवाहें न फैलाएं.’ जब उनसे उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि चीजें ऐसी ही रहेंगी. रोहित ने कहा, ‘भविष्य की कोई योजना नहीं है. जो हो रहा है, वो चलता रहेगा.’ रोहित ने कहा कि पावर प्ले में उनका आक्रामक रुख एक विशिष्ट उद्देश्य को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय था.

फाइनल मुकाबले में रोहित ने बल्ले से मचाया धमाल

मुंबई के इस खिलाड़ी ने पहले 10 ओवरों में 49 रन बनाए और अंततः 83 गेंदों पर 76 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने कहा, ‘मैंने आज कुछ अलग नहीं किया, जैसा कि मैं पिछले 3-4 मैचों में करता रहा हूं. मुझे पता है कि पावर प्ले में रन बनाना कितना महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमने देखा है कि 10 ओवर के बाद, जब मैदान फैल जाता है और स्पिनर आते हैं, तो यह बहुत मुश्किल हो जाता है. यह इसलिए भी कठिन हो जाता है क्योंकि पिच पहले से ही धीमी है. इसलिए आपके लिए शीर्ष स्तर से मौके लेना बहुत महत्वपूर्ण है.’

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Published by: Amleshnandan sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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