Champions Trophy: भारतीय टीम में इस खिलाड़ी का दावा पक्का! आंकड़े खुद दे रहे गवाही, लेकिन जानें किस खिलाड़ी का कटेगा पत्ता

Champions Trophy: चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 19 फरवरी से होनी है. भारतीय टीम की घोषणा अभी तक नहीं हुई है. 12 जनवरी तक बीसीसीआई को टीम फाइनल करनी है. ऐसे में ओपनिंग के लिए यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) की दावेदारी उनके आंकड़े दे रहे हैं.

Champions Trophy: ऑस्ट्रेलिया में टीम के टॉप खिलाड़ी पूरी तरह फेल रहे. लेकिन यशस्वी जायसवाल एकमात्र खिलाड़ी रहे, जिन्होंने भारतीय टीम की कमान अपने कंधे पर थामे रखी. उन्होंने 5 मैचों में एक शतक के साथ 391 रन बनाए. यशस्वी जायसवाल ने 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट पदार्पण किया. उन्होंने दो साल के भीतर ही टेस्ट क्रिकेट में तूफान मचा दिया. दो साल में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तहलका मचाया. 2024 में तो वे सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज रहे. भारत की चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम की घोषणा 12 जनवरी तक होना है. भारतीय टीम प्रबंधन उनके इस शानदार प्रदर्शन बिल्कुल नजरअंदाज नहीं कर सकता. 

17 साल की उम्र में यशस्वी ने सितंबर 2019 में बांग्लादेश अंडर-23 के खिलाफ़ लिस्ट ए में पदार्पण किया. एक महीने बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं. जायसवाल ने टूर्नामेंट में छह पारियों में एक अर्द्धशतक और तीन शतकों के साथ 564 रन बनाए, जिसमें उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ 203 रन की पारी भी शामिल है. इस पारी की बदौलत वह लिस्ट ए में दोहरा शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बन गए. बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 62.40 की स्ट्राइक रेट से 3,682 रन और टी20 में  150.23 स्ट्राइक रेट से 3,000 रन बनाए हैं. 

टेस्ट क्रिकेट में यशस्वी जायसवाल का जलवा

यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए 19 टेस्ट मैचों की 36 पारियों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 शतक और 10 अर्धशतक के साथ कुल 1798 रन बनाए हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 214* रन है. वहीं, टी20 क्रिकेट में उन्होंने 23 मैचों की 22 पारियों में 1 शतक और 5 अर्धशतक की मदद से 723 रन अपने नाम किए हैं. लेकिन यशस्वी जायसवाल ने अभी तक कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है. 2 साल अब उन्हें अपने एकदिवसीय मैचों में पदार्पण का इंतजार है.  

वनडे मैचों में नहीं किया है पदार्पण

चैंपियंस ट्रॉफी में अब बस एक महीना ही बचा है. ऐसे में भारत की तैयारी का पूरा फोकस अब 50 ओवर के प्रारूप पर रहेगा. भारतीय टीम में एकदिवसीय मैचों में रोहित शर्मा और शुभमन गिल अब तक ओपनिंग करते आए हैं. टीम के सीनियर रोहित ने टी20 से संन्यास लिया है, लेकिन एकदिवसीय मैचों में वे अब भी खेल रहे हैं. 2023 विश्व कप में भी इसी जोड़ी ने ओपनिंग की थी. ऐसे में जायसवाल के रूप में चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के पास एक विकल्प के रूप में तो रहेंगे, लेकिन मौका मिलेगा या नहीं यह देखना होगा. दिलचस्प बात यह है कि जायसवाल, जो भारत के सबसे लंबे प्रारूप वाले खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं, ने अभी तक एकदिवसीय मैच नहीं खेला है और नवंबर 2022 के बाद से उन्होंने कोई लिस्ट ए मैच भी नहीं खेला है.

यशस्वी और गिल में किसे मिलेगा मौका

रोहित और गिल का शीर्ष क्रम में 50 ओवरों का रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. दोनों ने अब तक 25 वनडे मैचों में 72.16 की औसत से 1,732 रन बनाए हैं. इस दौरान 16 बार 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी भी की है. गिल और रोहित ने 48 मैचों में  58.20 की औसत और 101.74 की स्ट्राइक रेट रन बनाए हैं. इस शानदार रिकॉर्ड के बाद क्या चयनकर्ता साहसिक फैसला लेंगे? 23 वर्षीय जायसवाल की परिपक्वता और रेंज टीम में जगह बनाने के लिए पर्याप्त है. चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर बैठना भारत के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के साथ अन्याय होगा, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में जायसवाल के लिए जगह बनाना भी उतना ही मुश्किल है. फरवरी की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ तीन एकदिवसीय मैचों में गिल और जायसवाल दोनों को परखने का मौका है, लेकिन डिफेंस और स्ट्रोकप्ले में जायसवाल की कुशलता ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गिल से बेहतर थी.

उपकप्तान के फैसले से क्लियर हो जाएगा सारा मामला

गिल को अपने खराब प्रदर्शन का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. अगर वह नागपुर और कटक में इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में खराब फॉर्म में रहे, तो यशस्वी को मौका जरूर मिल जाएगा. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बीसीसीआई की उप-कप्तानी के चयन से भी यह साफ हो सकता है. पिछले साल श्रीलंका में तीन वनडे मैचों के लिए गिल को रोहित के साथ उप-कप्तान बनाया गया था, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह आईसीसी इवेंट के लिए इस टैग को बरकरार रखेंगे. अगर गिल को इस भूमिका से मुक्त कर दिया जाता है, तो दुबई में रोहित के साथ ओपनिंग करने के लिए जायसवाल एक योग्य दावेदार हैं.

जलेबी के जैसी गोल घूमी अर्शदीप की गेंद, बल्लेबाज को भनक तक नहीं लगी और गिल्लियां उड़ गईं

आखिरी गेंद का खेल, जब 11 खिलाड़ी मिलकर बल्लेबाज को रनआउट न कर सके

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >