न्यूजीलैंड की हार से क्यों दुखी हैं विराट कोहली, किस दोस्त को याद कर हुए उदास

Champions Trophy 2025: पूरे देश में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के खिताब का जश्न मन रहा है. रविवार को टीम इंडिया के खिलाड़ी मैदान पर जश्न मना रहे थे. इस बीच, विराट कोहली को इस बात का दुख है कि उनका एक अच्छा दोस्त हारने वाली टीम का हिस्सा था.

Champions Trophy 2025: भारत ने रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत के बाद सभी भारतीय खिलाड़ी और फैंस जश्न में डूब गए. खिलाड़ियों को मैदान पर नाचते-गाते देखा गया. इस बीच विराट कोहली ने अपने दोस्त केन विलियमसन की हार के लिए दुख व्यक्त किया है. जीत के बाद विराट ने आने वनडे से संन्यास की अटकलों पर भी विराम लगा दिया और कहा कि उनका काम सिर्फ आईसीसी ट्रॉफी जीतना ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि जब वे संन्यास लें तो भारतीय क्रिकेट बेहतर स्थिति में हो.

फाइनल में एक ही रन बना पाए विराट कोहली

फाइनल के बाद उत्साहित कोहली ने कहा, ‘जब आप जाते हैं, तो आप टीम को बेहतर स्थिति में छोड़ना चाहते हैं. मुझे लगता है कि हमारे पास एक ऐसी टीम है जो अगले आठ सालों तक दुनिया से मुकाबला करने के लिए तैयार है.’ हालांकि कोहली फाइनल में 1 रन पर आउट हो गए, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ उनके मैच जीतने वाले शतक और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धैर्यपूर्ण 86 रनों की पारी ने भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई.

केन विलियमसन को लेकर उदास हुआ कोहली

केन विलियमसन की बात करते हुए कोहली ने कहा, ‘हम हमेशा से न्यूजीलैंड की क्षमताओं से आश्चर्यचकित रहे हैं, प्रतिभावान खिलाड़ियों की संख्या सीमित है, लेकिन वे अपनी योजनाओं को काफी अच्छी तरह से क्रियान्वित करते हैं. वे ऐसी क्रिकेट खेलते रहते हैं जो उन्हें खेल में बनाए रखती है. वे हमेशा आक्रामक रहे हैं और गेंदबाजों का समर्थन करते रहे हैं, इसका श्रेय उन्हें जाता है. वे सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षण इकाई हैं. यह देखकर दुख हुआ कि मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त (केन विलियमसन) हारने वाली टीम में है.’

युवा खिलाड़ियों को तैयार करना चाहते हैं कोहली

कोहली ने आगे कहा, ‘यह शानदार रहा, हम कठिन ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद वापसी करना चाहते थे और बड़ा टूर्नामेंट जीतना चाहते थे. इसलिए चैंपियंस ट्रॉफी जीतना शानदार है. ड्रेसिंग रूम में इतनी प्रतिभा है, वे अपने खेल को और आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं और हम उनकी मदद (वरिष्ठों की भूमिका) करके खुश हैं. अपना अनुभव साझा कर रहे हैं और यही बात इस भारतीय टीम को इतना मजबूत बनाती है.’ उन्हें यह पसंद आया कि फाइनल लंबा चला.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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