पाकिस्तान ने ‘नो हैंडशेक’ विवाद में रेफरी को घसीटा, जानें कौन हैं एंडी पायक्राफ्ट जिन्हें हटाने की मांग पर अड़ा है PCB

IND vs PAK Match Referee Andy Pycroft: एशिया कप 2025 के छठे मैच में भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया. पाकिस्तान 127 रन पर सिमट गया, जिसे भारत ने 15.5 ओवर में ही हासिल कर लिया. हालांकि जीत से ज्यादा चर्चा भारतीय खिलाड़ियों के हाथ न मिलाने पर रही. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने न तो टॉस के दौरान हाथ मिलाया और न ही मैच के बाद. इस पर पीसीबी ने मैच रैफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की है. आइये जानते हैं कौन हैं एंडी, जिन पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपना सारा गुस्सा निकाल रहा है. उनकी कहानी दिलचस्प है, आइए जानते हैं उनका सफर कैसा रहा. (IND vs PAK Asia Cup 2025 Match Referee Andy Pycroft)

IND vs PAK Match Referee Andy Pycroft: भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप 2025 के छठवें मैच में टीम इंडिया ने 7 विकेट से शानदार जीत दर्ज की. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए, जिसे भारत ने 25 गेंद शेष रहते जीत लिया. हालांकि इस मैच में भारत की जीत के अलावा टीम इंडिया के खिलाड़ियों का हाथ न मिलाना ज्यादा चर्चा में रहा. टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने न तो टॉस के वक्त पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से हाथ मिलाया और न ही मैच समाप्त होने के बाद. इस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सोमवार को मैच रैफरी एंडी पायक्रॉफ्ट पर भारत के खिलाफ एशिया कप मैच के दौरान आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें टूर्नामेंट से तुरंत हटाने की मांग की. आइये जानते हैं रेफरी एंडी पायक्राफ्ट के बारे में जिन्हें पीसीबी ने हटाने की मांग की है.

Asia Cup 2025 में पाकिस्तान ने एशियाई क्रिकेट परिषद से भारतीय खिलाड़ियों के हाथ नहीं मिलाने की शिकायत की और इसे खेलभावना के खिलाफ बताया. यह मैच पहलगाम आतंकी हमले और भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के बीच पहला मुकाबला था. टीम इंडिया के ऊपर इस मैच को बॉयकॉट करने का काफी दबाव था, हालांकि मेन इन ब्लू ने बॉयकॉट की अपील को नजरअंदाज कर अपने तरीके से विरोध जताया. एंडी पायक्रॉफ्ट भारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के बीच मैच में मैच रैफरी थे. पीसीबी ने आईसीसी के समक्ष पायक्रॉफ्ट के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है. पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने एक्स पर लिखा, ‘‘पीसीबी ने क्रिकेट की भावना से जुड़े एमसीसी के नियम और आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मैच रैफरी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है. पीसीबी ने मैच रैफरी को एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग की है.’’ (IND vs PAK Asia Cup 2025 Match Referee Andy Pycroft)

टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव, पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली और रवि शास्त्री के साथ एंडी पायक्रॉफ्ट. फोटो- icc asia cricket/x

कौन हैं एंडी पायक्रॉफ्ट

एंडी पाइक्रॉफ्ट ने 2001 में जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के कोच का पद संभाला, लेकिन 2003 के विश्व कप के दौरान साथी चयनकर्ताओं के साथ संवाद की कमी का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. यह उन आने वाले विवादों की एक झलक थी, जो अगले साल जिम्बाब्वे क्रिकेट को प्रभावित कर सकते थे. दरअसल जिम्बाब्वे के विश्व कप अभियान को एक बड़ा झटका तब लगा जब पूर्व टेस्ट बल्लेबाज एंडी पाइक्रॉफ्ट ने केन्या के खिलाफ खेले जाने वाले महत्वपूर्ण सुपर सिक्स मुकाबले से ठीक पहले अपने चयनकर्ता पद से इस्तीफा दे दिया.

जातीय संतुलन के दबाव के कारण पद छोड़ा

47 वर्षीय पाइक्रॉफ्ट ने कथित तौर पर चयन प्रक्रिया में जातीय संतुलन (रंगभेद) के दबाव के कारण पद छोड़ दिया. अन्य पांच चयनकर्ताओं में से चार ने श्वेत खिलाड़ी सीन एर्विन को हटाकर डायोन इब्राहिम को टीम में शामिल करने पर जोर दिया. पाइक्रॉफ्ट ने इस निर्णय से असहमति जताई और जिम्बाब्वे क्रिकेट संघ (ZCU) के प्रबंध निदेशक विंस हॉग को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे बाद में संघ के अध्यक्ष पीटर चिंगोका को भेज दिया गया. हॉग ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “पाइक्रॉफ्ट का अन्य चयनकर्ताओं के साथ मतभेद था और उन्होंने संवाद की कमी को भी अपने इस्तीफे का कारण बताया.”

इतने हिम्मत भरे फैसले के बाद उनकी भविष्यवाणी सही साबित हुई. जिंबॉब्वे की उस टीम में हीथ स्ट्रीक, एंडी फ्लावर और ग्रांड फ्लावर जैसे खिलाड़ी थे. लेकिन उस विश्वकप के बाद जिम्बॉब्वे जैसे कहीं खो गई. जिम्बॉब्वे ने 8वें सुपर मैच तक सफर किया, लेकिन श्रीलंका से हार के बाद वह बाहर हो गया. इसी विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर लगातार दूसरी बार विश्वकप जीता था.  

6 जून 1956 को जन्मे पाइक्रॉफ्ट ने 1983 से 1992 के बीच तीन टेस्ट और 20 एकदिवसीय मैचों में जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व किया. एक मजबूत बल्लेबाज के रूप में उन्होंने अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया और जिम्बाब्वे क्रिकेट पर गहरी छाप छोड़ी. अपने क्रिकेट करियर के बाद उन्होंने कई प्रशासनिक भूमिकाएं निभाईं, जिनमें अंडर-19 टीम का प्रबंधन, राष्ट्रीय चयनकर्ता और कोच की जिम्मेदारी शामिल थी.

क्रिकेटर एंडी पाइक्रॉफ्ट 1992 में भारत के खिलाफ जिम्बाब्वे के पहले क्रिकेट टेस्ट मैच में मैदान पर उतरने वाली एकादश का हिस्सा थे. फोटो: वेंकटेश प्रसन्ना/x

बैकफुट के बेहतरीन बल्लेबाज

एंडी पाइक्रॉफ्ट एक बेहतरीन बल्लेबाज थे, खासतौर पर बैकफुट पर खेलते हुए उनकी तकनीक शानदार थी. हालांकि, जब 1992-93 में जिम्बाब्वे ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला, तब तक उनके खेल के सर्वोत्तम दिन बीत चुके थे. उन्होंने अपने करियर में सिर्फ तीन टेस्ट मैच खेले, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण समय से पहले संन्यास लेना पड़ा.

उनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर भी सीमित अवसरों तक ही सीमित रहा, क्योंकि उस समय रोडेशिया/जिम्बाब्वे की टीमों के लिए अधिक मैच उपलब्ध नहीं थे. बावजूद इसके, मौका मिलने पर उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया. 1991-92 में ऑस्ट्रेलिया की बी टीम के खिलाफ उन्होंने 109 गेंदों पर 104 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें शेन वार्न, पॉल रीफेल और स्टीव वॉ जैसे दिग्गज गेंदबाज शामिल थे.

उन्होंने दो बार जिम्बाब्वे की कप्तानी की, लेकिन स्वाभाविक रूप से इस काम को नहीं किया, संभवतः इस भूमिका के लिए वे थोड़े ज़्यादा ही स्पष्टवादी थे. रिटायर होने के बाद वे प्रशासन में चले गए, अंडर-19 टीम का प्रबंधन किया और चयनकर्ता बने और बाद में चयनकर्ताओं के प्रमुख बने. जिम्बॉब्वे क्रिकेट के साथ चले लंबे विवाद के बाद उन्हें 2009 में आईसीसी में अहम जिम्मेदारी मिली.  

17 वर्षीय आसिफ करीम 1980-81 में केन्या के जिम्बाब्वे दौरे पर एंडी पाइक्रॉफ्ट को गेंदबाज़ी करते हुए. चित्र: इज़ू/एक्स

100 टेस्ट मैचों में बने रेफरी

एंडी पाइक्रॉफ्ट ने रेफरी के रूप में अपना टेस्ट डेब्यू 6 से 8 मई 2009 के बीच इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में किया था. 15 साल के शानदार कैरियर में अद्भुत सफलता उन्हें तब मिली जब एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच बॉक्सिंग डे टेस्ट में उन्होंने अपना 100वां टेस्ट पूरा किया. ​​वह इससे पहले यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीन मैच रेफरी के समूह में शामिल हो गए. पूर्व श्रीलंकाई बल्लेबाज रंजन मदुगले ने पुरुषों के टेस्ट मैचों में सबसे अधिक बार मैच रेफरी की भूमिका निभाई है. दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के जेफ क्रो और तीसरे स्थान पर क्रिस ब्रॉड ही आज तक तिहरे अंक तक पहुंचने वाले अन्य व्यक्ति हैं.

एंडी पाइक्रॉफ्ट बने चैंपियंस ट्रॉफी के मैच रेफरी

जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर एंडी पाइक्रॉफ्ट को ICC पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए मैच रेफरी नियुक्त किया गया है. यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 19 फरवरी से 9 मार्च तक पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित किया जाएगा. पाइक्रॉफ्ट इस भूमिका में डेविड बून और रंजन मदुगले जैसे अनुभवी रेफरी के साथ काम करेंगे. अब एक अनुभवी मैच रेफरी के रूप में, पाइक्रॉफ्ट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक नई भूमिका निभाते हुए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेंगे. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में उनकी उपस्थिति खेल को निष्पक्षता और अनुशासन की दिशा में मार्गदर्शित करेगी. 

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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