Ben Stokes: सीरीज के परिणाम से कहीं अधिक चर्चा उस घटना की रही, जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया को स्तब्ध कर दिया, वह थी इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स द्वारा तीसरे टेस्ट के ठीक बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा. पिछले डेढ़ दशक से स्टोक्स न केवल इंग्लैंड के लिए, बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक रहे हैं. उन्होंने अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और मैदान पर अपनी असाधारण ऊर्जा से अनगिनत बार टीम को हार के जबड़े से बाहर निकाला है. तीनों ही फॉर्मेट में स्टोक्स की उपयोगिता किसी भी टीम के लिए अमूल्य रही है.
यह फैसला सिर्फ मैं ही ले सकता था
स्टोक्स ने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर और निजी जीवन में कई ऊंचे और कठिन पल देखे. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय पूरी तरह उनका अपना था और इस फैसले को कोई दूसरा नहीं ले सकता था. उन्होंने स्वीकार किया कि अब उन्हें लगा कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का सही समय आ गया है.
प्रशंसकों और साथियों का जताया आभार
स्टोक्स ने इंग्लैंड के सभी प्रशंसकों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का दिल से धन्यवाद किया. उन्होंने लिखा कि जिन्होंने भी वर्षों तक उनका समर्थन किया, वे सभी उनके लिए बेहद खास हैं. साथ ही उन्होंने अपने सभी साथी खिलाड़ियों के प्रति भी प्यार और सम्मान व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और हर साथी खिलाड़ी के साथ बिताया गया समय हमेशा उनकी यादों में रहेगा.
अब टीम का समर्थन करेंगे एक प्रशंसक के रूप में
अपने पोस्ट के अंत में स्टोक्स ने कहा कि अब वह इंग्लैंड टीम के सबसे बड़े प्रशंसकों में से एक होंगे. उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि भविष्य में कभी-कभी हॉस्पिटैलिटी बॉक्स में बैठकर मैच देखने का मौका भी उन्हें पसंद आएगा. परिवार, दोस्तों, साथियों और प्रशंसकों के प्रति उन्होंने एक बार फिर अपना प्यार व्यक्त किया.
शानदार रहा बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर
35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 44 मैचों में कप्तानी की. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7,000 से अधिक रन बनाए और 200 से ज्यादा विकेट हासिल किए. इसके अलावा उन्होंने 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया.
2019 विश्व कप और हेडिंग्ले की पारी हमेशा रहेगी यादगार
स्टोक्स को क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े मैच विजेताओं में गिना जाता है. 2019 वनडे विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी नाबाद 84 रन की पारी ने इंग्लैंड को पहली बार विश्व चैंपियन बनाया. इसके कुछ सप्ताह बाद एशेज सीरीज के हेडिंग्ले टेस्ट में उनकी नाबाद 135 रन की ऐतिहासिक पारी ने इंग्लैंड को अविश्वसनीय जीत दिलाई. उन्होंने 2022 टी20 विश्व कप जीत में भी अहम भूमिका निभाई और कप्तान के रूप में ‘बैजबॉल’ युग की शुरुआत कर इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की नई पहचान बनाई.
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