BAN vs SL: बांग्लादेश ने श्रीलंका को 279 रन पर किया ढेर, मैथ्यूज के टाइम आउट से बवाल

श्रीलंका-बांग्लादेश मुकाबले में जिस तरह से एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट दिया गया, एक बार फिर क्रिकेट में खेल भावना को लेकर बहस शुरू हो चुकी है.

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप मैच में सोमवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में बांग्लादेश ने श्रीलंका को 279 रन पर ढेर कर दिया. श्रीलंका की टीम 50 ओवर भी नहीं खेल पाई और 49.3 ओवर में ऑल आउट हो गई. बांग्लादेश को मैच जीतने के लिए 280 रन बनाना है.

चरिथ असलंका ने जमाया शतक

श्रीलंका की ओर से चरिथ असलंका ने 108 रन बनाए जबकि पाथुम निसंका और सदीरा समरविक्रम ने 41-41 रन की उपयोगी पारियां खेली. जबकि बांग्लादेश की तरफ से तंजीम हसन ने 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए. शाकिब अल हसन और शरीफुल इस्लाम ने दो-दो विकेट हासिल किए.

श्रीलंका के 6 खिलाड़ियों ने छुआ दहाई का आंकड़ा

श्रीलंका के 6 बल्लेबाजों ने ही दहाई का आंकड़ा छुआ. चरिथ असलंका ने 108 रन की पारी खेली. जबकि पाथुम निसंका और सदीरा समरविक्रम ने 41-41 रन बनाए. जबकि कुसल मेंडिस ने 19, धनंजय डी सिल्वा 34 और महेश तीक्षणा ने 22 रनों की पारी खेली.

मैथ्यूज के आउट होने के तरीके पर उठ रहे सवाल

श्रीलंका-बांग्लादेश मुकाबले में जिस तरह से एंजेलो मैथ्यूज को टाइम आउट दिया गया, एक बार फिर क्रिकेट में खेल भावना को लेकर बहस शुरू हो चुकी है.

दरअसल बांग्लादेश के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में सदीरा समरविक्रम के आउट होने के बाद मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया. उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इसमें काफी समय लग गया. इस बीच बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया.

मैथ्यूज ने अंपायर और शाकिब से बात की और अपने हेलमेट का टूटा हुआ स्ट्रैप भी दिखाया लेकिन बांग्लादेश के कप्तान ने अपील वापस लेने से इनकार कर दिया और श्रीलंका के बल्लेबाज को वापस लौटना पड़ा.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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