नीली जर्सी में खेल रही टीम इंडिया, फिर भी क्यों खाली हैं कुर्सियां? आकाश चोपड़ा ने बताए तीन कारण

Asia Cup 2025: भारत ने एशिया कप में अपना शानदार आगाज किया है. यूएई के खिलाफ 93 गेंद शेष रहते भारत ने मुकाबले को अपने नाम किया. हालांकि मैदान पर दर्शकों की कमी साफ देखी गई. इस पर आकाश चोपड़ा ने अपनी बात रखी.

Asia Cup 2025: भारतीय क्रिकेट टीम चैंपियंस ट्रॉफी के बाद नीली जर्सी में उतरी है. एशिया कप 2025 में सूर्यकुमार की अगुवाई में टीम इंडिया ने अपना पहला मैच यूएई के खिलाफ खेला और शानदार जीत दर्ज की. पहले अपनी घातक गेंदबाजी से भारत ने यूएई को 57 रन पर ढेर कर दिया और फिर चेज करते हुए केवल 27 गेंद में मैच जीत लिया. टीवी पर इसकी व्यूअरशिप फिलहाल सामने नहीं आई, लेकिन मैदान पर कुर्सियां जरूर खाली पड़ी दिखीं. इस पर आकाश चोपड़ा ने ध्यान दिया और उन्होंने इसके तीन कारण बताए. 

अपने यू ट्यूब चैनल पर भारत के पूर्व खिलाड़ी ने कहा, भारत और यूएई के बीच दुबई में खेले गए एशिया कप के पहले मुकाबले में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्राउड कहां है? आमतौर पर हम कहते हैं कि अगर भारत चांद पर भी क्रिकेट खेले तो वहां भी लोग नीली जर्सी पहनकर पहुंच जाएंगे. लेकिन इस मैच में नजारा बिल्कुल अलग था. मैदान लगभग खाली था और यह देखकर हैरानी हुई कि इतने लंबे समय बाद भारतीय टीम दुबई में खेल रही थी और फिर भी दर्शक स्टेडियम में मौजूद नहीं थे. यह किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए अजीब नजारा था.

टूर्नामेंट का हाइप न होना

चोपड़ा ने कहा इसकी एक बड़ी वजह टूर्नामेंट का हाइप न होना माना जा सकता है. एशिया कप जैसा बड़ा टूर्नामेंट शुरू तो हुआ, लेकिन उसके इर्द-गिर्द वैसी चर्चा और उत्साह नहीं दिखा, जैसी अपेक्षा की जाती है. जबकि व्यक्तिगत तौर पर यह टूर्नामेंट दिलचस्प है क्योंकि इसकी फ्लेक्सिबिलिटी शानदार है वर्ल्ड कप से पहले अगर वनडे टूर्नामेंट की ज़रूरत हो तो वह बन जाता है और अगर टी20 वर्ल्ड कप आ रहा हो तो उसे उसी फॉर्मेट में खेला जाता है. इसके अलावा एशिया कप इस बात को भी स्थापित करता है कि एशिया क्रिकेट का असली केंद्र है. भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी टीमें जब इसमें खेलती हैं तो मुकाबले का स्तर अपने आप ऊंचा हो जाता है.

क्रिकेट का ओवरडोज

हालांकि इस बार मुकाबला इतना एकतरफा रहा कि कॉन्टेस्ट नहीं बन पाया. लेकिन यह तो पहले से किसी को पता नहीं था. भारत की ओर से शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी मैदान पर थे. ऐसे में दर्शकों की गैरमौजूदगी सवाल खड़े करती है. हो सकता है कि दुबई में क्रिकेट की ‘ओवरडोज़’ हो चुकी हो. यहां ILT20 भी खेला गया है और कई अन्य टूर्नामेंट भी. ICC इवेंट्स जैसे चैंपियंस ट्रॉफी में लोग जरूर आते हैं, लेकिन बाकी टूर्नामेंट्स में दर्शकों की कमी देखी जाती है.

स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की कमी

यूएई एक शानदार वेन्यू है- फैसिलिटीज, होटल्स, पिच और आयोजन के लिहाज से यह टॉप क्लास है. लेकिन दर्शकों की कमी यहां लगातार देखने को मिलती है. अगर भारत का मैच देखने भी लोग नहीं आए तो यह चिंता का विषय है. संभव है टिकटों की कीमत ज्यादा रही हो या स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की कमी रही हो. आने वाले भारत-पाकिस्तान मैच के लिए लोग जरूर जुटेंगे, लेकिन सामान्य मैचों में भी दर्शकों को आकर्षित करने की रणनीति बनानी होगी. वरना सवाल हमेशा यही रहेगा कि क्राउड कहां है?

एशिया कप में भारत अपना अगला मुकाबला पाकिस्तान के साथ खेलेगा. 14 सितंबर को होने वाला मुकाबला इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा और हाई वोल्टेज मैच होगा. हालांकि पहलगाम हमले के साए में हो रहा है एशिया कप 2025 लोगों के गुस्से का कारण बना है. लोगों की भावनाएं उबाल पर हैं, इस टूर्नामेंट के बॉयकॉट करने की भी मांग उठी थी. आकाश चोपड़ा के बताए गए कारणों के अलावा खेल पर इसका भी असर जरूर पड़ा है. 

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