Ashes 2023: जॉनी बेयरस्टो Out or Not Out, जानें क्या कहते हैं नियम, रन आउट के बाद लॉर्ड्स में हुआ था हंगामा

एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट भी ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया है. खेल का पांचवां दिन निर्णायक रहा और हंगामेदार भी रहा. जॉनी बेयरस्टो के रन आउट पर लॉर्ड्स में जमकर बवाल हुआ. यहां तक कि एमसीसी सदस्यों और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई.

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा एशेज टेस्ट मैच रविवार को समाप्त हो गया, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया. पांचवें दिन जीत के लिए दोनों टीमें के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला. एक समय लग रहा था कि इंग्लैंड यह मुकाबला जीत जायेगा, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने अपना काम किया है ऑस्ट्रेलिया दूसरा मुकाबला भी जीत लिया. लॉर्ड्स में मैच का पांचवा दिन जॉनी बेयरस्टो के विवादित आउट के लिए भी याद किया जायेगा.

बेयरस्टो के रन आउट पर भड़के दर्शक

एलेक्स कैरी द्वारा जॉनी बेयरस्टो की स्टंपिंग मैच के लिए टर्निंग प्वांइट था. उस रन-आउट का मतलब था कि ऑस्ट्रेलिया मैच को जीतने के लिए केवल एक बड़ा विकेट दूर था. इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स क्रीज पर जमे थे और उन्हें बेयरस्टो के साथ बड़ी साझेदारी की उम्मीद थी. बेयरस्टो 10 रन के स्कोर पर आउट हुए. जॉनी को आउट करने के तरीके ने अंग्रेजी खेमे में काफी नाराजगी पैदा कर दी, क्योंकि बेयरस्टो यह मानकर क्रीज से बाहर निकले थे कि गेंद डेड हो गयी है.

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नियम एक : गेंद को कब डेड माना जाता है

एमसीसी के डेड बॉल नियम के अनुसार, कानून 20.1.1.1 कहता है, ‘गेंद तब डेड हो जाती है जब वह अंततः विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथों में पहुंच जाती है.’ हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई तर्क यह होगा कि गेंद कैरी के हाथों में कभी नहीं टिकी, क्योंकि उन्होंने इंग्लिश बल्लेबाज को आउट करने के लिए तुरंत इसे वापस स्टंप्स पर दे मारा. इंग्लैंड टीम की प्रतिक्रिया यह रही होगी कि कैरी के हाथ में आते ही बेयरस्टो ने मान लिया था कि गेंद डेड हो चुकी है और इसलिए ऑस्ट्रेलियाई कीपर ने उन्हें इस तरह से धोखा दिया जो खेल भावना के खिलाफ था.

नियम दो : कौन तय करता है गेंद डेड हुई या नहीं

एमसीसी के एक और नियम 20.2 में कहा गया है, ‘गेंद अंततः डेड हुई है या नहीं, यह अकेले अंपायर को तय करना होता है.’ जिसका अर्थ है कि बेयरस्टो का क्रीज से बाहर घूमना अंपायरों का नागवार गुजरा और उन्होंने इसे रन आउट करार दे दिया. नियम 20.1.2 में यह भी कहा गया है, ‘गेंद को तब डेड माना जायेगा जब अंपायर आश्वस्त हो जाए कि क्षेत्ररक्षण पक्ष और विकेट पर मौजूद दोनों बल्लेबाजों ने यह मान लिया कि अब गेंद डेड हो गयी है.’ ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने गेंद को डेड नहीं माना और रन-आउट के अवसर को भांपते हुए अंपायर ने भी गेंद को डेड नहीं माना.

नियम तीन : ओवर की समाप्ति कब मानी जाती है

ओवर की आखिरी गेंद पर विकेट होने का इंग्लैंड की ओर से विरोध भी हुआ, लेकिन ओवर कॉल करने का नियम ओवर की छठी गेंद के डेड हो जाने के बाद का है. नियम 20.3 के अनुसार, ‘न तो ओवर की कॉल (नियम 17.4) और न ही टाइम की कॉल (नियम 12.2) तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक कि गेंद डेड न हो जाए.’ इसका मतलब अंपायर आखिरी गेंद के बाद ओवर तब तक कॉल नहीं करते, जब तक दोनों पक्ष गेंद को डेड न मान लें. और जब बेयरस्टो को रन आउट किया गया, जब अंपायर ने ओवर कॉल नहीं किया था.

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By Amleshnandan sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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