आखिर सचिन ने क्यों कहा, अपने सपनों का पीछा करो...

नयी दिल्ली: विश्वकप क्रिकेट 2011 का फाइनल जीते भारत को पूरे छह वर्ष हो गये हैं. दो अप्रैल 2011 को भारत ने दोबारा विश्वकप जीता और पूरे देश को गौरवान्वित किया. इस गौरव को हासिल करने वाली टीम के कप्तान थे महेंद्र सिंह धौनी और उनकी टीम में सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी भी मौजूद थे. […]

नयी दिल्ली: विश्वकप क्रिकेट 2011 का फाइनल जीते भारत को पूरे छह वर्ष हो गये हैं. दो अप्रैल 2011 को भारत ने दोबारा विश्वकप जीता और पूरे देश को गौरवान्वित किया. इस गौरव को हासिल करने वाली टीम के कप्तान थे महेंद्र सिंह धौनी और उनकी टीम में सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी भी मौजूद थे.

सचिन ने अपने जीवन के बहुमूल्य 24 साल क्रिकेट को दिये, लेकिन विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा बनने का मौका उन्हें 2011में मिला. अपनी खुशी को जाहिर करते हुए कल सचिन ने एक ट्‌वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा- जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, अपने सपनों का पीछा करो, क्योंकि वे पूरे होते हैं, और यह वह पल था जब मेरे सपने पूरे हुए. सचिन ने ट्‌वीट के साथ एक फोटो भी पोस्ट किया है, जिसमें वे वर्ल्डकप के साथ दिख रहे हैं.

वहीं अभी क्रिकेट के तीनों फारमेट के कप्तान विराट कोहली ने भी कल 2011 वर्ल्डकप की जीत को शेयर किया है. कोहली ने लिखा- हमारे जीवन का वह क्या दिन था. मैं कभी नहीं भूल सकता 02/04/2011 को, यह मेरे और हर भारतीय के हृदय में अंकित है. जय हिंद.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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