सर विव रिचर्ड्स के साथ तुलना करना जायज नहीं : कोहली

सिडनी : सर विव रिचर्ड्स को विराट कोहली में अपनी झलक नजर आती है लेकिन भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि वेस्टइंडीज के इस महान बल्लेबाज के साथ तुलना के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता जो दुनिया के महानतम गेंदबाजों के खिलाफ बिना हेलमेट के खेलता था. कोहली एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे […]

सिडनी : सर विव रिचर्ड्स को विराट कोहली में अपनी झलक नजर आती है लेकिन भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि वेस्टइंडीज के इस महान बल्लेबाज के साथ तुलना के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता जो दुनिया के महानतम गेंदबाजों के खिलाफ बिना हेलमेट के खेलता था.

कोहली एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 7000 रन और 25 शतक बनाने वाले बल्लेबाज बने हैं. इस उपलब्धि के बाद रिचर्ड्स के साथ उनकी तुलना हो रही है जो उन कुछ बल्लेबाजों में शामिल हैं जो ऑस्ट्रेलिया में दबदबा बनाने में सफल रहे.
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कल यहां होने वाले पांचवें और अंतिम एकदिवसीय मैच से पूर्व कोहली ने कहा, ‘‘मैं मैदान पर इस सोच के साथ नहीं उतरता कि आज मुझे मैदान पर किसी से जंग लड़नी है. मैं अच्छी मानसिकता के साथ उतर रहा हूं और टीम के लिए योगदान दे रहा हूं. और यह मैदान पर होने वाली बहस नहीं है. यह पिछली बार की तुलना में अलग है, गलत और बुरे शब्द बोलने की जगह यह सिर्फ मस्ती है. दर्शकों के लिए भी थोड़ा मजा होना चाहिए. मेरा ध्यान मैदान पर उतरकर प्रदर्शन करने पर है क्योंकि मुझे इन चीजों से फर्क नहीं पड़ता.’
कोहली ने कहा, ‘‘तुलना के बारे में सोचना वास्तविकता नहीं है. मैं हमेशा सोचता हूं कि खेल के महान खिलाडियों के लिए मुश्किल रहा होगा क्योंकि आज हमारे पास बचाव के लिए बेहतर साजो सामान है. मैं कैप पहनकर खेलने के बारे में नहीं सोच सकता और सर विव ने हमेशा ऐसा किया. उन्होंने दुनिया भर में तेज गेंदबाजों के खिलाफ छक्के जड़े और इस बारे में सोचकर ही सिहरन पैदा हो जाती है.’ रिचर्ड्स ने कुछ समय पहले कहा था कि कोहली अपनी आक्रामकता और जज्बे से उन्हें उनकी बल्लेबाजी की याद दिलाते हैं.
कोहली ने कहा कि वह अब भी खुद को क्लब क्रिकेटर समझते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब भी खुद को क्लब क्रिकेटर मानता हूं जो प्रत्येक मैच में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है. ऐसी मानसिकता मेरी तब थी जब मैंने दिल्ली की ओर से राज्य स्तर पर क्रिकेट नहीं खेला था. मैं मैदान पर उतरकर अपनी अकादमी टीम के लिए सभी मैच जीतना चाहता था और अधिक से अधिक रन बनाना चाहता था. मेरे कोच ने मुझे यही कहा और मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने इसे याद रखा है.’

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