थकाऊ और उबाऊ था विश्वकप : माइकल होल्डिंग

शंघाई : वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज माइकल होल्डिंग भारत में तेज गेंदबाजी के विकास से प्रभावित हैं लेकिन उन्होंने कहा कि अत्यधिक क्रिकेट के कारण विश्व क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की कला खत्म होती जा रही है.यहां लारेस विश्व खेल पुरस्कार समारोह में भाग लेने आये होल्डिंग ने कहा , मैं भारतीय तेज गेंदबाजों खासकर […]

शंघाई : वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज माइकल होल्डिंग भारत में तेज गेंदबाजी के विकास से प्रभावित हैं लेकिन उन्होंने कहा कि अत्यधिक क्रिकेट के कारण विश्व क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की कला खत्म होती जा रही है.यहां लारेस विश्व खेल पुरस्कार समारोह में भाग लेने आये होल्डिंग ने कहा , मैं भारतीय तेज गेंदबाजों खासकर मोहित शर्मा और मोहम्मद शमी से काफी प्रभावित हूं. मैं उनके प्रदर्शन से हैरान हूं. भारत में पिचों में बदलाव से तेज गेंदबाजों को मदद मिली है.

अब वहां बेहतर उछालभरी पिचें हैं जिससे उसके बल्लेबाज भी बाउंसर बखूबी खेल रहे हैं. उन्होंने कहा , पिछले अक्तूबर में मैंने भारत का दौरा किया और वहां की उछालभरी स्पोर्टिंग पिचें देखकर हैरान रह गया. 1983 में ऐसी पिचों के लिए मैं तरसता रह गया. होल्डिंग ने कहा कि अत्यधिक क्रिकेट के कारण तेज गेंदबाजी खत्म हो रही है. उन्होंने कहा , विश्व कप में आखिरी दस ओवरों में कोई गेंदबाज नहीं टिक सकता था चूंकि छोटे मैदान, बड़े बल्ले और फील्डिंग पाबंदियां थी. इतना ज्यादा क्रिकेट आजकल खेला जा रहा है कि तेज गेंदबाज खत्म हो रहे हैं.

फिटनेस, रफ्तार और हुनर बनाये रखना मुश्किल है. विश्व कप में भारत के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा , लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमें घाटे में रही. भारत के सामने इतना बडा लक्ष्य था कि कोई मौका ही नहीं था. भारत यदि पहले बल्लेबाजी करता तो 300 से ज्यादा रन बना सकता था. होल्डिंग ने कहा कि विश्व कप उन्हें उबाऊ र निराशाजनक लगा.

उन्होंने कहा , विश्व कप में काफी एकतरफा मैच थे. कई टीमों ने पहले बल्लेबाजी करने के बाद दूसरी टीम के पूरे विकेट ले लिये. लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमें प्रतिस्पर्धी नहीं रही. मुझे यह काफी उबाऊलगा. कई बार दूसरी पारियों के दौरान मैं सो ही गया.

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