हार के दुख को छुपा नहीं पाये डिविलियर्स, कहा, मुझे बहुत दुख है कि मैं अपने देश को खिताब नहीं दिला सका

आकलैंड : विश्वकप 2015 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की न्यूजीलैंड के हाथों हार को एबी डिविलियर्स बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. उनका दुख संवाददाता सम्मेलन में खुलकर सामने आया, जब सवालों के जवाब देते हुए वे अपने आंसुओं को रोक नहीं सके.डिविलियर्स जब जवाब दे रहे थे तब उनकी आवाज रुंध गयी. अपने […]

आकलैंड : विश्वकप 2015 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की न्यूजीलैंड के हाथों हार को एबी डिविलियर्स बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं. उनका दुख संवाददाता सम्मेलन में खुलकर सामने आया, जब सवालों के जवाब देते हुए वे अपने आंसुओं को रोक नहीं सके.डिविलियर्स जब जवाब दे रहे थे तब उनकी आवाज रुंध गयी. अपने आंसू पोंछने के लिए बीच में वह चुप भी रहे. उनसे हार के बाद की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए कहा गया था.

आखिर में उनसे पूछा गया कि क्रिकेट मैदान पर पहली बार वह इतना बुरा महसूस कर रहे थे और उन्होंने एक शब्द में जवाब दिया, हां .इस एक शब्द ने उनका सारा दर्द बयां कर दिया था. यह दक्षिण अफ्रीकी कप्तान के रूप में डिविलियर्स के कैरियर का सबसे बुरा वक्त था. उन्हें पूरा भरोसा था कि उनकी टीम किसी भी परिस्थिति में जीत दर्ज कर सकती है लेकिन उनकी उम्मीदें टूट गयी.

डिविलियर्स से पूछा गया कि क्या उन्हें बेहतर महसूस करने में समय लगेगा, आखिर वह एक शानदार मैच का हिस्सा रहे, उन्होंने कहा, इस मैच को लेकर मैं बेहतर महसूस नहीं कर सकता. मेरा लक्ष्य क्रिकेट का मैच जीतना, अपने देश को खिताब दिलाना तथा देश के लोगों और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना था लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाये और इससे दुख होता है. मैं बहुत दुखी हूं. हमारे पास मौके थे और हमने उनका फायदा नहीं उठाया.

उन्होंने कहा, स्वदेश में बहुत से लोगों ने हमारा समर्थन किया. हम सब उनके बारे में सोच रहे हैं और यह बहुत बुरा है. हम यह ट्रॉफी जीतना चाहते थे लेकिन जिंदगी चलती रहेगी. सूरज कल भी उगेगा. दक्षिण अफ्रीका के पास जीत के कुछ अच्छे मौके थे. स्वयं डिविलियर्स एक बार कोरे एंडरसन को रन आउट करने से चूक गये थे. उन्होंने कहा, यह भी एक मौका था हमारे पास जीत दर्ज करने के कई मौके थे. यह केवल अकेला मौका नहीं था.

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