रांची :इंग्लैंड ऐसी टीम है, जिसने अब तक चार बार (2019 में पांचवीं बार) विश्व कप की मेजबानी की है, लेकिन उसने एक बार भी यह खिताब नहीं जीता है. इंग्लैंड की इस बार की वनडे टीम काफी मजबूत और संतुलित नजर आती है. विश्व क्रिकेट में उनके खिलाड़ियों का बोलबाला काफी देखने को मिल रहा है.
इन सबके बाद भी उन्हें वर्ल्ड कप 2019 का खिताब जीतने के लिए काफी निरंतरता और लगन के साथ खेलना होगा. हालांकि घरेलू पिचों और मौसम का लाभ उन्हें निश्चित रूप से मिलेगा, लेकिन मैदान पर रणनीति लागू करना एक अहम चीज होती है और इसे समझने वाली टीम की सफलता के अवसर ज्यादा बढ़ जाते हैं.
वनडे वर्ल्ड कप इतिहास में इंग्लिश टीम तीन बार फाइनल में पहुंची है, लेकिन जीतने में नाकाम रही है. यह टीम 1979, 1987 और 1992 में फाइनल तक पहुंची थी. इसके अलावा वे दो बार क्वार्टर फाइनल और दो बार सेमीफाइनल तक पहुंचे हैं. वे तीन बार पूल स्टेज में बाहर हुए और एक बार सुपर 8 से वापस लौटे.
वर्ल्ड कप 2019 – इंग्लैंड का कार्यक्रम
25 मई इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, साउथैम्पटन (अभ्यास मैच)
27 मई इंग्लैंड बनाम अफगानिस्तान, लंदन (अभ्यास मैच)
30 मई इंग्लैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका, लंदन
03 जून इंग्लैंड नाम पाकिस्तान, नॉटिंघम
08 जून इंग्लैंड बनाम बांग्लादेश, कार्डिफ
14 जून इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज, साउथैम्पटन
18 जून इंग्लैंड बनाम अफगानिस्तान, मैनचेस्टर
21 जून इंग्लैंड बनाम श्रीलंका, लीड्स
25 जून इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, लंदन
30 जून इंग्लैंड बनाम भारत, बर्मिंघम
3 जुलाई इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड, चेस्टर-ली-स्ट्रीट
टीम की मजबूती
इंग्लिश टीम की बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत है. जॉनी बेयरस्टॉ, जो रूट, इयोन मॉर्गन जैसे दिग्गज खिलाड़ी बल्लेबाजी क्रम को मजबूत बनाते हैं. वे किसी भी स्कोर का पीछा करते हुए जीत दर्ज करने की क्षमता रखते हैं. इसके अलावा पहले बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई बार बड़ा स्कोर बनाया है. बल्लेबाजी उनकी रीढ़ की हड्डी कही जा सकती है.
टीम की कमजोरी
गेंदबाजी इस टीम की कमजोर कड़ी साबित हो सकती है. आदिल राशिद स्पिन विभाग में बेहतर हैं, लेकिन तेज गेंदबाजी चिंता का विषय हो सकता है. इंग्लैंड टीम में टॉम करेन और जोफ्रा आर्चर जैसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें उतना अनुभव नहीं है. वर्ल्ड कप बड़ा टूर्नामेंट है, इसलिए अनुभवी गेंदबाजी खासी जरूरी हो जाती है. यह पक्ष थोड़ा कमजोर दिखाई देता है.
मेजबान होने का मिलेगा फायदा
इस बार उनके लिए श्रेष्ठ मौका यह है कि वे खुद मेजबान देश हैं. इंग्लैंड की पिच, मौसम और अन्य परिस्थितियां उनके लिए अनुकूल है. ऐसे में सबसे ज्यादा मौका अगर किसी टीम के पास है, तो वह इंग्लैंड हैय इस तरह के अवसर हर बार मिलना मुश्किल होता है, इसलिए उन्हें इसे भुनाने का पूरा प्रयास करने की आवश्यकता होगी.
इंग्लैंड टीम
ईयोन मोर्गन (कप्तान), मोईन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टॉ, जोस बटलर, टॉम करेन, लियाम डासन, लियाम प्लंकेट, आदिल राशिद, जो रूट, जेसन राय, बेन स्टोक्स, जेम्स विंस, क्रिस वोक्स, मार्क वुड.
