गुरु पूर्णिमा पर सचिन ने गुरु ''अचरेकर'' को किया याद

मुंबई : विश्व कप 1983 विजेता टीम के सदस्य बलविंदर सिंह संधू से लेकर बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर तक कई क्रिकेटरों को कोचिंग देने वाले रमाकांत अचरेकर को उनके शिष्यों ने गुरु पूर्णिमा पर याद किया. अपने शिष्यों के बीच अचरेकर सर के नाम से मशहूर वयोवृद्ध कोच को उनके कई शिष्यों की मौजूदगी […]

मुंबई : विश्व कप 1983 विजेता टीम के सदस्य बलविंदर सिंह संधू से लेकर बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंदुलकर तक कई क्रिकेटरों को कोचिंग देने वाले रमाकांत अचरेकर को उनके शिष्यों ने गुरु पूर्णिमा पर याद किया. अपने शिष्यों के बीच अचरेकर सर के नाम से मशहूर वयोवृद्ध कोच को उनके कई शिष्यों की मौजूदगी में गुरु वंदना कार्यक्रम में सम्मानित किया गया.

गुरु पूर्णिमा पर गुरु अचरेकर को याद करते हुए ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर ने कहा, अचरेकर सर और सभी कोच को गुरु पुर्णिमा की शुभकामनाएं जिन्‍होंने पूरे कैरियर में मेरी मदद की. आपका योगदान अमूल्य रहा है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज प्रवीण आमरे ने कहा, ‘ ‘सर के साथ हमारा काफी आफ सीजन नहीं होता था क्योंकि मानसून के दौरान हम रबर की गेंद से खेलते थे. उन्होंने अच्छे कोच और अच्छे खिलाड़ी तैयार किये. मेरे विचार में वह सर ‘गुरु ‘ हैं तथा गुरु और कोच में काफी अंतर होता है. ‘ ‘

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पूर्व भारतीय विकेटकीपर चंद्रकांत पंडित ने उन्हें दूरदृष्टा बताया. एक अन्य पूर्व विकेटकीपर समीर दिघे ने अपने करियर को संवारने में उनके योगदान को याद किया. बलविंदर सिंह संधू ने बताया कि वह शुरू में आफ स्पिनर थे लेकिन वह अचरेकर थे जिन्होंने अच्छी इन स्विंग करने की उनकी प्रतिभा को पहचाना. उन्होंने कहा, ‘ ‘तब तक मुझे नहीं पता था कि किसी गेंद को इन स्विंग भी कहते हैं. ‘ ‘

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