Zambia T20 League: पाक के पूर्व खिलाड़ियों पर 2 साल का बैन, अंबाती रायडू का भी नाम आया सामने

ज़ाम्बिया लीग में बिना NOC खेलने वाले पाक क्रिकेटरों पर 2 साल का प्रतिबंध. अंबाती रायडू भी विवाद में फंसे. जानें पूरा मामला क्या है.

PCB bans former Pakistan cricketers: पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कथित तौर पर कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर्स के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. मामला जाम्बिया में आयोजित की जा रही एशियन लेजेंड्स लीग से जुड़ा है, जिसमें कुछ पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने बोर्ड की अनुमति और जरूरी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के बिना हिस्सा लिया था. ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन खिलाड़ियों पर दो साल के प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है.

विवाद कैसे शुरू हुआ

यह पूरा विवाद तब गहराया, जब जाम्बिया क्रिकेट यूनियन (ZCU) ने स्पष्ट किया कि जिस टी20 टूर्नामेंट में ये खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे, उसे उसकी ओर से न तो मंजूरी मिली थी और न ही उसका समर्थन किया गया था. इसके बाद टूर्नामेंट को रोक दिया गया और खिलाड़ियों की भागीदारी भी सवालों के घेरे में आ गई.

बिना NOC लीग में खेलने का आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर्स एशियन लेजेंड्स लीग में हिस्सा लेने के लिए जाम्बिया की राजधानी लुसाका पहुंचे थे. इनमें पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज, पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल और ऑलराउंडर सोहेल तनवीर जैसे चर्चित नाम शामिल बताए जा रहे हैं. पीसीबी के नियमों के तहत विदेशी टी20 लीग या अन्य क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से पहले खिलाड़ियों को आवश्यक अनुमति और NOC हासिल करना होता है. आरोप है कि इन खिलाड़ियों ने जरूरी प्रक्रिया पूरी किए बिना टूर्नामेंट में हिस्सा लिया. पीसीबी पहले भी खिलाड़ियों के विदेशी लीग में खेलने के लिए NOC व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है. बोर्ड की आधिकारिक NOC सूचनाओं में भी अलग-अलग विदेशी लीगों में खेलने वाले खिलाड़ियों के नाम और स्वीकृति की स्थिति सार्वजनिक की जाती रही है.

जाम्बिया क्रिकेट यूनियन ने टूर्नामेंट से पल्ला झाड़ा

विवाद का सबसे अहम मोड़ तब आया, जब जाम्बिया क्रिकेट यूनियन (ZCU) ने कथित तौर पर स्पष्ट किया कि लुसाका में आयोजित होने वाली इस लीग को उसकी ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी, अप्रूवल या समर्थन हासिल नहीं था. इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर इतने बड़े नामों वाले पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर्स एक ऐसी प्रतियोगिता में कैसे पहुंच गए, जिसे स्थानीय क्रिकेट बोर्ड ने ही मान्यता नहीं दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खिलाड़ियों को जब टूर्नामेंट की मंजूरी की स्थिति के बारे में जानकारी मिली तो कुछ खिलाड़ियों ने इसमें आगे हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.

अंबाती रायडू भी जाम्बिया पहुंचे

इस पूरे विवाद में भारत के पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायडू का नाम भी सामने आया. उन्हें भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था। हालांकि, टूर्नामेंट की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने के बाद उन्होंने खेलने से पहले ही जाम्बिया छोड़ने का फैसला किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को टूर्नामेंट के आयोजन के दौरान लॉजिस्टिक और भुगतान से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

खिलाड़ियों को पेमेंट नहीं मिलने का भी दावा

विवाद सिर्फ मंजूरी तक सीमित नहीं रहा. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टूर्नामेंट में शामिल कुछ खिलाड़ियों को उनकी पूरी फीस नहीं मिली. इतना ही नहीं, कुछ खिलाड़ियों को यात्रा और होटल से जुड़े इंतजामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा. एक खिलाड़ी ने कथित तौर पर नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि उन्हें एजेंट्स की ओर से भरोसा दिलाया गया था कि प्रतियोगिता को जाम्बिया क्रिकेट यूनियन की मंजूरी प्राप्त है और खिलाड़ियों को अच्छी रकम का भुगतान किया जाएगा. लेकिन लुसाका पहुंचने के बाद स्थिति कथित तौर पर इसके उलट नजर आई. खिलाड़ी के अनुसार, भुगतान में परेशानी के कारण होटल से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं और बाद में एयरपोर्ट तक पहुंचने में भी मुश्किल हुई. कुछ खिलाड़ियों के कथित तौर पर बिना पूरा भुगतान लिए वापस लौटने की बात सामने आई है.

किन पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों के नाम सामने आए?

इस विवाद में पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटर्स के नाम रिपोर्ट्स में सामने आए हैं. इनमें इमरान नजीर, तौफीक उमर, यासिर शाह, हसन रजा, राहत अली, मोहम्मद इरफान, यासिर बट, अबरार हुसैन और राणा अनवर समेत कई खिलाड़ी शामिल बताए जा रहे हैं. इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के मैचों में हिस्सा भी लिया था. इसके बाद जाम्बिया क्रिकेट यूनियन के हस्तक्षेप के चलते प्रतियोगिता को रोक दिया गया.

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कब से शुरू होना था टूर्नामेंट

लुसाका में होने वाली इस टी20 प्रतियोगिता को लेकर काफी प्रचार किया गया था. टूर्नामेंट में एशियन स्टार्स, पाकिस्तान पैंथर्स, अफगानिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमों के नाम सामने आए थे. प्रतियोगिता की शुरुआत 2 अगस्त से होनी थी। लेकिन टूर्नामेंट की आधिकारिक मंजूरी और आयोजन से जुड़े सवालों के बाद मामला बिगड़ता चला गया. रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि आयोजक प्रसारण समझौते को अंतिम रूप देने में सफल नहीं हो पाए थे. इसके अलावा खिलाड़ियों के यात्रा, होटल और भुगतान से जुड़े मामले भी सामने आने लगे.

कामरान अकमल ने PCB से सजा पर पुनर्विचार की मांग की

इस मामले में पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने सार्वजनिक रूप से अपने साथियों का समर्थन किया है. उन्होंने PCB से कथित दो साल की सजा पर पुनर्विचार करने की अपील की. कामरान का तर्क है कि

इस प्रतियोगिता में सिर्फ पाकिस्तानी खिलाड़ी ही शामिल नहीं थे. भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों ने भी इसमें हिस्सा लिया था. ऐसे में सिर्फ पाकिस्तानी क्रिकेटर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व खिलाड़ियों की आजीविका क्रिकेट से जुड़ी हुई है और PCB को सजा तय करते समय इस पहलू पर भी विचार करना चाहिए.

खिलाड़ियों का दावा

पूरे मामले में बचाव का एक प्रमुख पक्ष यह सामने आया है कि खिलाड़ियों को कथित तौर पर एजेंट्स और आयोजकों की ओर से गलत जानकारी दी गई थी. एक खिलाड़ी के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया कि उन्हें बताया गया था कि लीग को स्थानीय क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है. इसी भरोसे के आधार पर वे जाम्बिया पहुंचे। बाद में जब प्रतियोगिता की आधिकारिक स्थिति सामने आई तो उन्हें कथित तौर पर अपनी गलती का अहसास हुआ. हालांकि, PCB के नजरिए से मामला सिर्फ टूर्नामेंट की वैधता तक सीमित नहीं है. बोर्ड का मुख्य सवाल यह है कि खिलाड़ियों ने विदेशी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से पहले आवश्यक NOC और आधिकारिक अनुमति क्यों नहीं ली.

विदेशी फ्रेंचाइजी लीग पर कैसे लगेगी लगाम?

इस पूरे विवाद ने दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही फ्रेंचाइजी टी20 लीगों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग देशों में छोटी-बड़ी टी20 लीगों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इनमें से हर प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) या संबंधित राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड की समान स्तर की मान्यता प्राप्त हो, यह जरूरी नहीं है. यही वजह है कि क्रिकेट की वैश्विक संस्था भी फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और उसके अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर पड़ने वाले असर को लेकर निगरानी बढ़ा रही है.

फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर ICC की नजर

फ्रेंचाइजी क्रिकेट के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच बेहतर तालमेल के लिए ICC ने फ्रेंचाइजी लीग्स कमेटी बनाई है. बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को इस कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. ऐसे में जाम्बिया की घटना यह सवाल भी खड़ा करती है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होने वाली नई टी20 लीगों की विश्वसनीयता और खिलाड़ियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए क्या और कड़े नियमों की जरूरत है.

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By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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