9 Year Old Aarit Kapil forced Magnus Carlsen to a draw: हाल ही में डी गुकेश का सामना करते हुए जब मैग्नस कार्लसन को हार मिली थी, तो उन्होंने अपनी झल्लाहट को खेल की मेज पर दिखाया था. हाथ पटककर उन्होंने सारे मोहरे गिरा दिए और चेस रूम से बाहर चले गए. अब दिल्ली के नौ वर्षीय शतरंज प्रतिभा आरित कपिल ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को कड़ी टक्कर देकर सभी को चौंका दिया. ‘अर्ली टाइटल्ड ट्यूजडे’ नामक एक प्रतिष्ठित ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेंट में आरित ने कार्लसन को लगभग शिकस्त दे दी थी, लेकिन समय की कमी के कारण उन्हें मुकाबला ड्रॉ पर खत्म करना पड़ा.
आरित कपिल हाल ही में भारत की अंडर-9 राष्ट्रीय शतरंज चैंपियनशिप में उपविजेता रहे हैं और इस समय जॉर्जिया में चल रही अंडर-10 वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने अपने होटल रूम से इस ऑनलाइन टूर्नामेंट में भाग लिया और अपने खेल से दुनिया भर के दिग्गजों को प्रभावित किया.
कार्लसन के खिलाफ ड्रॉ: एक बड़ी उपलब्धि
कार्लसन को शतरंज इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है. वे 2013 से 2023 तक विश्व चैंपियन रहे हैं. उन्होंने क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज तीनों प्रारूपों में विश्व खिताब जीते हैं. नॉर्वे के इस दिग्गज खिलाड़ी को मात देना या उनके खिलाफ ड्रॉ निकालना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है, और नौ वर्षीय आरित ने यह कर दिखाया.
इस मुकाबले में आरित ने कार्लसन को न केवल बराबरी की टक्कर दी, बल्कि एक समय वह जीत की स्थिति में भी थे. लेकिन घड़ी में चंद सेकंड शेष होने के कारण वह अपनी बढ़त को निर्णायक रूप नहीं दे पाए और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ. आरित की यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य की एक झलक है और आने वाले वर्षों में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा सकती है.
भारत के वी. प्रणव बने विजेता
वहीं इस टूर्नामेंट में भारत के ही वी. प्रणव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 में से 10 अंक हासिल कर खिताब पर कब्जा जमाया. अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हैंस मोके नीमन और मैग्नस कार्लसन दोनों ने 9.5 अंक प्राप्त किए, लेकिन टाईब्रेक के आधार पर नीमन को दूसरा स्थान मिला.
कैच तो छोड़े ही डांसर भी बन गए यशस्वी, हीरो से विलेन हुए जायसवाल पर बरस पड़ा सोशल मीडिया
जिस जगह कोच ने जीते 9 खिताब, नीरज चोपड़ा वहां बने चैंपियन, इतने मीटर तक फेंका भाला
