Vastu Tips: पैसे टिकते नहीं? घर की ये दिशा बना रही है आपको कंगाल

Vastu Tips: अगर आपकी सैलरी आते ही खत्म हो जाती है और महीना भर पैसों की किल्लत बनी रहती है, तो इसकी वजह सिर्फ फिजूलखर्ची नहीं, बल्कि घर का वास्तु दोष भी हो सकता है. जानिए किस दिशा की अनदेखी आपकी आर्थिक स्थिति को लगातार कमजोर कर रही है और समाधान क्या है.

Vastu Tips: क्या आपकी सैलरी आते ही चंद दिनों में खत्म हो जाती है? क्या पूरा महीना आर्थिक तंगी और तनाव में गुजरता है? अगर हां, तो हो सकता है इसकी वजह सिर्फ फिजूलखर्ची नहीं, बल्कि आपके घर में मौजूद वास्तु दोष हो.

खर्च और वास्तु का गहरा संबंध

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा (South-South West) को “खर्च की दिशा” माना जाता है. यदि इस स्थान पर आप पैसे, तिजोरी, जरूरी दस्तावेज या आभूषण रखते हैं, तो अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी होती है और बचत रुक जाती है.

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इस दिशा में न रखें ये चीजें

  • हरे पौधे: इस दिशा में ग्रीनरी से खर्चे बढ़ते हैं.
  • शोपीस या डेकोरेटिव आइटम्स: भारी सजावट से भी आर्थिक असंतुलन आता है.
  • महत्वपूर्ण कागजात या गहने: इन्हें यहां रखने से धन रुकता नहीं.

समाधान क्या है?

  • इस दिशा को खाली और साफ-सुथरा रखें.
  • दीवारों पर गहरे या भारी रंगों से बचें.
  • ऑफ व्हाइट या क्रीम रंग का प्रयोग करें — ये रंग शुभ माने जाते हैं.
  • फायदे जो आप खुद महसूस करेंगे
  • खर्चों में स्वतः नियंत्रण
  • आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव
  • घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास

याद रखें

पैसे की कदर के साथ अगर आप वास्तु के कुछ सरल नियमों को अपनाएं, तो आपकी आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति — दोनों में सुधार आ सकता है. अगली बार जब घर की दिशा-दिशा देखें या सजावट करें, तो दक्षिण-दक्षिण पश्चिम दिशा का विशेष ध्यान रखें.

कुंडली, वास्तु दोष या आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क करें

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
(ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ)
8080426594 | 9545290847

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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