Vastu Tips: सुबह-सुबह चहकते मेहमान, खुशखबरी या इशारा

Vastu Tips: सुबह घर की बालकनी या आंगन में चहकते पक्षियों का आना सिर्फ एक प्राकृतिक दृश्य नहीं, बल्कि धर्म और वास्तु शास्त्र में इसे शुभ संकेत माना गया है. मान्यता है कि यह सौभाग्य, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश लाता है. जानें, इसके पीछे छिपा आध्यात्मिक अर्थ.

Vastu Tips: भारतीय संस्कृति और धर्म में पक्षियों का अपना अलग और महत्वपूर्ण स्थान है. ये न केवल प्रकृति के संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं, बल्कि कई धार्मिक मान्यताओं में इन्हें शुभ संकेत और दिव्य संदेशवाहक भी माना गया है. खासतौर पर, सुबह-सुबह घर की बालकनी, आंगन या खिड़की पर पक्षियों का आगमन, अनेक दृष्टियों से अत्यंत सकारात्मक माना जाता है.

धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म में पक्षियों को ईश्वर के दूत का दर्जा प्राप्त है. गरुड़ भगवान विष्णु के, हंस देवी सरस्वती के और उल्लू माता लक्ष्मी के वाहन हैं. मान्यता है कि यदि सुबह पक्षी आपके घर आते हैं, तो यह सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश और सौभाग्य की प्राप्ति का संकेत है. इसे पितरों की कृपा और सुख-समृद्धि का संदेश भी माना जाता है.

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शुभ संकेत क्यों

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सुबह पक्षियों का चहकना और घर के आस-पास मंडराना अत्यंत शुभ होता है. यह दर्शाता है कि घर का वातावरण पवित्र और ऊर्जा से परिपूर्ण है. चिड़ियों की मधुर आवाज से घर में शांति और आनंद का माहौल बनता है. इसे आर्थिक वृद्धि और पारिवारिक सुख का भी संकेत माना जाता है.

संकेत का दूसरा पहलू

कुछ परंपराओं में यह विश्वास भी है कि यदि कोई विशेष प्रकार का पक्षी बार-बार आपके घर आता है, तो यह किसी बदलाव या संदेश का द्योतक हो सकता है. जैसे—कबूतर का आना प्रेम और शांति का प्रतीक है, वहीं तोते का आगमन शुभ समाचार की सूचना देता है.

क्या करें

यदि सुबह पक्षी आपके घर आते हैं, तो इसे शुभ मानते हुए उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें. इससे न केवल धार्मिक दृष्टि से पुण्य प्राप्त होता है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान है. धर्म और वास्तु शास्त्र दोनों के अनुसार, सुबह पक्षियों का आपके घर की बालकनी या आंगन में आना सौभाग्य, शांति और समृद्धि का संदेश लेकर आता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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