लाफिंग बुद्धा रखना क्यों मानते हैं शुभ? कहां रखें, जानिए वास्तु टिप्स

Vastu Tips about laughing buddha: लाफिंग बुद्धा को खुशी, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है. लाफिंग बुद्धा की मूर्तियाँ विभिन्न प्रकार की होती हैं. चीनी परंपरा के अनुसार, प्रत्येक मूर्ति विशेष इच्छाओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. आज हम आपको यह जानकारी देंगे कि किस मूर्ति का क्या महत्व है.

Vastu Tips: लाफिंग बुद्धा, जिसे हंसते हुए बुद्धा के नाम से जाना जाता है, सौभाग्य, समृद्धि और खुशी का प्रतीक है. फेंग शुई के अनुसार, इसे घर, ऑफिस, रेस्तरां या किसी भी ऐसी जगह रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसकी मुस्कुराहट न केवल माहौल को खुशनुमा बनाती है, बल्कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है.आइए, इसकी मान्यताओं और इसे रखने के सही तरीकों के बारे में.

लाफिंग बुद्धा की कहानी

लाफिंग बुद्धा असल में बुदाई (Budai) नामक एक चीनी जेन साधु थे, जो 907 से 923 ईस्वी के बीच लियांग वंश में रहते थे. उनका असली नाम चिएसी था. उनका सादा जीवन, दयालु स्वभाव और हमेशा मुस्कुराता चेहरा उन्हें खास बनाता था. बौद्ध धर्म में उन्हें “बोधिसत्व मैत्रेय” का अवतार माना जाता है, जो भविष्य में दुनिया को शुद्ध धर्म की शिक्षा देंगे.

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क्यों शुभ माने जाते हैं लाफिंग बुद्धा

मान्यता है कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति का पेट रगड़ने से सुख, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है. इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. चीन के प्रसिद्ध मंदिरों, जैसे लिंगयिन मंदिर में, इनकी बड़ी-बड़ी मूर्तियां स्थापित हैं. ये मूर्तियां लकड़ी, संगमरमर, मिट्टी और जेड जैसे विभिन्न सामग्रियों से बनाई जाती हैं.

लाफिंग बुद्धा रखने के वास्तु टिप्स

मुख्य दरवाजे के सामने
लाफिंग बुद्धा को मुख्य दरवाजे के सामने अंदर की ओर रखते हैं. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है.

दिशा का ध्यान रखें

इसे पूर्व, उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें.
पढ़ाई या काम की मेज पर: इसे स्टडी टेबल या ऑफिस डेस्क पर रखने से ध्यान और उत्पादकता बढ़ती है.

खाली जमीन पर न रखें

इसे हमेशा एक ट्रे, स्टूल या pedestal पर रखें.
अलग-अलग रूपों के लिए अलग जगह: खड़े बुद्धा को समृद्धि के लिए लिविंग रूम में पूर्व दिशा की ओर रखें. बैठा बुद्धा प्रेम और शांति के लिए बेडरूम में रखें.
दान और सकारात्मकता: इसे रसोई, बाथरूम या जूतों के पास न रखें.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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लेखक के बारे में

By Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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