Upay and Traditional Remedies: व्यापार में आ रही रुकावटें होंगी दूर, इन उपायों से मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा

Upay and Traditional Remedies: व्यापार में रुकावटें आना आम बात है, लेकिन जब समस्याएं लगातार बढ़ने लगें तो मनोबल टूटने लगता है. भारतीय परंपराओं में कुछ ऐसे सरल उपाय बताए गए हैं जो न सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं बल्कि व्यापार में सकारात्मकता और प्रगति के मार्ग भी खोलते हैं.

Upay and Traditional Remedies: कई बार लाख कोशिशों के बाद भी व्यापार में अचानक गिरावट आने लगती है. ग्राहक कम हो जाते हैं, धन रुकने लगता है और वातावरण में नकारात्मकता महसूस होने लगती है. प्राचीन मान्यताओं में बताया गया है कि ऐसे समय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और कार्यस्थल को शुभ बनाने के लिए कुछ विशेष पारंपरिक उपाय किए जाते हैं. यह उपाय किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं की रक्षा और मनोबल बढ़ाने के लिए माने जाते हैं.

नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए शाबर मंत्र साधना

मान्यता है कि यदि व्यापार में बाधाएं लगातार बढ़ रही हों और आपको लगे कि कहीं कोई जलन, प्रतिस्पर्धा या नकारात्मक सोच आपके काम को प्रभावित कर रही है, तो शाबर मंत्र साधना का उपयोग सकारात्मक प्रभाव दे सकता है. परंपरा के अनुसार, मंत्र का पहले दस माला जप कर हवन किया जाता है ताकि मंत्र में सिद्धि प्राप्त हो सके.

मंत्र—

“उलटत वेद पलटत काया, जाओ बच्चा तुम्हें गुरु ने बुलाया, सत नाम आदेश गुरु का.”

सिद्धि के बाद रविवार या मंगलवार की रात 11 बजे के बाद इस उपाय को करने की सलाह दी जाती है. चौराहे की ओर जाते समय सात कंकड़ उठाएँ और हर दिशा में एक-एक कंकड़ फेंकते हुए मंत्र का उच्चारण करें. सातवां कंकड़ बीच में रखकर उसके ऊपर शराब चढ़ाई जाती है. मुख्य बात—वापस लौटते समय पीछे न देखें और न ही किसी से बात करें. घर पहुंचने पर पहले से रखा पानी हाथ-पैर धोने और स्वयं पर छिड़कने के लिए उपयोग किया जाता है. यह पूरी प्रक्रिया एक मनोवैज्ञानिक सुरक्षा कवच और आत्मविश्वास बढ़ाने के रूप में देखी जाती है.

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दुकान में बिक्री बढ़ाने के पारंपरिक गुरुवार उपाय

यदि प्रयासों के बावजूद बिक्री कम हो रही हो, तो शुक्ल पक्ष के गुरुवार से एक विशेष क्रिया प्रारंभ की जाती है. दुकान के मुख्य द्वार के एक कोने में गंगाजल से स्थान शुद्ध करें हल्दी से स्वस्तिक बनाएं. स्वस्तिक पर थोड़ा चना दाल और गुड़ रखें. इसके बाद इस स्वस्तिक को बार-बार देखने से बचने की सलाह दी जाती है. लगातार 11 गुरुवार इस क्रिया को करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने और व्यापार में सुधार होने की मान्यता है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव हासिल किया है. इस दौरान कंटेंट राइटिंग और मीडिया क्षेत्र में मेरी मजबूत पकड़ बनी. पिछले 5 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं, जो मेरे प्रमुख विषय रहे हैं और जिन पर लेखन मेरी खास पहचान है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. इसके अतिरिक्त, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से काम किया है, जिससे मेरी लेखन शैली विविध और व्यापक बनी है. 📩 संपर्क : shaurya.punj@prabhatkhabar.in

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