Masik Krishna Janmashtami 2026: 11 मार्च 2026 को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी है. इस दिन घरों और मंदिरों में धूमधाम से भगवान कृष्ण की पूजा और अर्चना की जाती है. पूजा के अंत में हमेशा आरती का पाठ किया जाता है. कहा जाता है कि बिना आरती के पूजा पूर्ण नहीं होती. इसलिए रात के समय भगवान कृष्ण की आराधना के दौरान आरती अवश्य करें.
भगवान कृष्ण की आरती (Bhagwan Krishna Ki Aarti)
आरती कुंजबिहारी की..
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की.
आरती कुंजबिहारी की…
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की.
गले में बैजंती माला
बजावै मुरली मधुर बाला.
श्रवण में कुण्डल झलकाला
नंद के आनंद नंदलाला.
गगन सम अंग कांति काली
राधिका चमक रही आली.
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक – कस्तूरी तिलक – चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की.
आरती कुंजबिहारी की…
कनकमय मोर मुकुट बिलसै
देवता दरसन को तरसैं.
गगन सों सुमन रासि बरसै
बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग
अतुल रति गोप कुमारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की.
आरती कुंजबिहारी की…
जहां ते प्रकट भई गंगा
सकल मन हारिणि श्री गंगा.
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस – जटा के बीच – हरै अघ कीच
चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की .
आरती कुंजबिहारी की…
चमकती उज्ज्वल तट रेनू
बज रही वृंदावन बेनू .
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद – चांदनी चंद – कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की.
आरती कुंजबिहारी की…
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की.
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की.
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