Sonpur Mela 2024: भगवान विष्णु से है सोनपुर मेले का संबंध, जानें गजेंद्र मोक्ष स्थल के बारे में

Sonpur Mela 2024: बिहार के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व में सोनपुर मेले की एक विशेष पहचान है. बिहार के सारण जिले में प्रसिद्ध सोनपुर मेले का आयोजन प्रारंभ हो चुका है. शुंग काल के कई पत्थर और अन्य अवशेष सोनपुर के विभिन्न मठों और मंदिरों में पाए जाते हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान 'गजेंद्र मोक्ष स्थल' के रूप में भी जाना जाता है.

Sonpur Mela 2024:  बिहार और देश का प्रसिद्ध सोनपुर मेला 2024 का उद्घाटन आज 13 नवंबर को होने जा रहा है. इसकी तैयारी के लिए 14 विभिन्न समितियों का गठन किया गया है. सारण के जिलाधिकारी अमन समीर ने बैठक में सभी समितियों से समय पर कार्य पूरा करने का अनुरोध किया.  जिला पदाधिकारी ने बताया कि मेले में सुधार के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं. इस विषय पर आपकी राय और सुझाव महत्वपूर्ण हैं. हम यहां पर आपको बताने जा रहे हैं कि सोनपुर मेला का सांस्कृतिक महत्व के अलावा धार्मिक महत्व भी है.

Budh Pradosh Vrat 2024: कार्तिक माह का अंतिम प्रदोष व्रत आज, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और महत्व 

सोनपुर मेले, जिसे ‘हरिहर क्षेत्र मेला’ और ‘छत्तर मेला’ के नाम से भी जाना जाता है, की आरंभिक तिथि के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसे उत्तर वैदिक काल से संबंधित माना जाता है. महापंडित राहुल सांकृत्यान ने इसे शुंगकाल का बताया है. शुंगकालीन कई पत्थर और अन्य अवशेष सोनपुर के विभिन्न मठों और मंदिरों में पाए गए हैं.

कब तक चलेगा सोनपुर मेला ?

हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला इस वर्ष 13 नवंबर से 14 दिसंबर तक, अर्थात् 32 दिनों तक आयोजित किया जाएगा.

सोनपुर मेला में क्या वस्तुएं उपलब्ध हैं?

इस मेले की प्रसिद्धि मुख्यतः पशु मेले के रूप में है, लेकिन यहां विभिन्न प्रकार के सामान भी उपलब्ध होते हैं. मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से लोग पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं, साथ ही विदेशी पर्यटक भी यहां आकर्षित होते हैं. पहले सोनपुर मेले का प्रमुख आकर्षण यहां बिकने वाले हाथियों और घोड़ों की बड़ी संख्या थी.

जानें गजेंद्र मोक्ष स्थल के बारे में

यह स्थल ‘गजेंद्र मोक्ष स्थल’ के नाम से भी जाना जाता है, जो पौराणिक मान्यताओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है. कहा जाता है कि भगवान के दो भक्त, एक हाथी (गज) और एक मगरमच्छ (ग्राह), धरती पर प्रकट हुए. जब गज कोनहारा घाट पर जल पीने आया, तब ग्राह ने उसे अपने मुंह में पकड़ लिया और दोनों के बीच संघर्ष प्रारंभ हो गया. यह युद्ध कई दिनों तक चलता रहा. जब गज कमजोर होने लगा, तब उसने भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की. भगवान विष्णु ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुदर्शन चक्र चलाकर इस युद्ध को समाप्त किया. इस स्थान पर पशुओं के बीच हुए इस युद्ध के कारण यहां पशु खरीदने को शुभ माना जाता है. इसके अलावा, यहां हरि (विष्णु) और हर (शिव) का हरिहर मंदिर भी स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों भक्त आते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं भगवान राम ने सीता स्वयंवर के समय किया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >