Shani Jayanti 2025 पर इन फूलों का उपयोग कर करें शनिदेव को खुश

Shani Jayanti 2025: शनि जयंती के अवसर पर शनिदेव को प्रसन्न करने हेतु विशेष पूजा और उपाय किए जाते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कुछ ऐसे फूल हैं जो शनिदेव को बहुत प्रिय हैं. यदि श्रद्धा पूर्वक इन फूलों को अर्पित किया जाए, तो शनि दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में शांति स्थापित होती है.

Shani Jayanti 2025 Upay: शनि जयंती, भगवान शनिदेव के प्रकट होने के दिन के रूप में मनाई जाती है. यह दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या को आता है और शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर माना जाता है. शनि जयंती इस बार 27 मई 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन शनिदेव की पूजा विशेष विधियों से की जाती है ताकि उनकी दृष्टि शुभ बनी रहे. शास्त्रों में कहा गया है कि कुछ विशेष फूल शनिदेव को बहुत प्रिय हैं. यदि शनि जयंती पर इन्हें अर्पित किया जाए तो शनि की पीड़ा कम होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है.

नीले अपराजिता फूल

शनि देवता को नीला रंग बहुत पसंद है, इसलिए नीले अपराजिता के फूलों का उन्हें अर्पण करना बहुत शुभ माना जाता है. यह फूल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है और शनि की कठोर दृष्टि से सुरक्षा प्रदान करता है.

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शमी के फूल

शमी वृक्ष को शनिदेव से जुड़ा हुआ माना जाता है. शमी के पत्ते और फूल शनिदेव को अर्पित करने से कर्मों की शुद्धि होती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. यह फूल विशेष रूप से शनि की दशा और साढ़ेसाती से राहत प्रदान करने में सहायक होता है.

काले तिल के साथ गुलाब के फूल

काले तिल शनिदेव को बहुत पसंद हैं. जब इन्हें गुलाब के फूलों के साथ अर्पित किया जाता है, तो यह शनिदेव को प्रसन्न करता है और जीवन में प्रेम, सौंदर्य और संतुलन लाता है. गुलाब के फूल मन को शांति प्रदान करते हैं और नकारात्मकता को दूर करते हैं.

नीला कमल (यदि उपलब्ध हो)

नीला कमल एक दुर्लभ पुष्प है, लेकिन यदि इसे प्राप्त किया जाए तो इसे शनिदेव को अर्पित करना बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है. यह फूल अध्यात्म, गहन चिंतन और शनि की आध्यात्मिक ऊर्जा से संबंधित है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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