Masik Durgashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना को समर्पित है. चूंकि सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय माना जाता है, ऐसे में इस माह पड़ने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
सावन मासिक दुर्गाष्टमी 2026: तिथि और मुहूर्त
- अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 19 अगस्त 2026 को शाम 07:19 बजे से
- अष्टमी तिथि का समापन: 20 अगस्त 2026 को रात 09:18 बजे तक
- उदयातिथि के अनुसार व्रत की तिथि: 20 अगस्त 2026, गुरुवार
पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त का प्रकार | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:25 बजे से 05:08 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:55 बजे से 07:17 बजे तक |
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मासिक दुर्गाष्टमी की पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें.
- पूजा स्थल की सफाई करें. एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें.
- देवी मां को रोली, अक्षत, सिंदूर, लाल कनेर या गुड़हल के फूल, लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें.
- घी का दीपक जलाएं और मां दुर्गा को फल, मेवे, हलवा या खीर का भोग लगाएं.
- दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें. साथ ही “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जाप करें.
- पूजा के अंत में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.
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