Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन में इन रंगों की राखी से बचें, भाइयों के जीवन में ला सकता है दुर्भाग्य

Raksha Bandhan 2025, Rakhi colors: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के वचन का पर्व है. इस दिन राखी बांधते समय सिर्फ डिजाइन या खूबसूरती ही नहीं, बल्कि रंग का चयन भी बेहद अहम होता है. शास्त्रों के अनुसार, कुछ रंग अशुभ माने जाते हैं और इन्हें बांधने से नकारात्मक असर पड़ सकता है.

Raksha Bandhan 2025, Rakhi colors: रक्षाबंधन का त्योहार हर साल सावन या भाद्रपद मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई उन्हें जीवनभर सुरक्षा देने का वचन देते हैं. परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि राखी का रंग भी भाई के जीवन में शुभ-अशुभ प्रभाव डाल सकता है.

काले रंग की राखी

शास्त्रों में काले रंग को तामसिक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. काला रंग राहु और शनि से जुड़ा होता है, जो बाधाओं, विवादों और मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है. इसलिए रक्षाबंधन पर काले रंग की राखी से परहेज करना चाहिए.

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भूरी या धूसर रंग की राखी

भूरा और धूसर रंग स्थिरता का प्रतीक तो है, लेकिन त्योहारों में इसे अशुभ माना जाता है. यह रंग रिश्तों में ठहराव और ठंडापन ला सकता है. इसलिए इसे भी त्यागना बेहतर है.

फीका या मुरझाया रंग

राखी के रंग में चमक और ताजगी होनी चाहिए. फीके या मुरझाए रंग मनोबल और रिश्तों की ऊर्जा को कमजोर करते हैं. ऐसे रंग भाई की जिंदगी में नकारात्मकता ला सकते हैं.

कौन से रंग शुभ माने जाते हैं?

राखी के लिए पीला, लाल, नारंगी, हरा और गुलाबी रंग शुभ माने जाते हैं. ये रंग मंगल, सूर्य और शुक्र ग्रह से जुड़े होते हैं, जो ऊर्जा, सफलता, प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक हैं.

राखी का रंग केवल सजावट के लिए नहीं होता, यह एक तरह की सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम है. सही रंग का चुनाव भाई के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. इसलिए इस रक्षाबंधन पर राखी बांधने से पहले उसके रंग का ध्यान जरूर रखें.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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