Raksha Bandhan 2025: बिहार, यूपी और झारखंड में कब मनाया जाएगा राखी का पावन पर्व, यहां जानें सही डेट

Raksha Bandhan 2025: भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन इस साल बिहार, यूपी और झारखंड में कब मनाया जाएगा, यह जानना सभी के लिए जरूरी है। शुभ तिथि, मुहूर्त और भद्रा काल की जानकारी के साथ जानें इस पावन पर्व से जुड़ी खास बातें और परंपराएं.

Raksha Bandhan 2025 Date: भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के वचन का पावन पर्व रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वचन देते हैं. हालांकि यदि भद्रा काल का संयोग बन जाए तो त्योहार की शुभता पर असर पड़ सकता है, क्योंकि भद्रा को अशुभ माना जाता है. पिछले वर्षों में भद्रा के कारण राखी बांधने का समय बदलना पड़ा था. ऐसे में इस वर्ष भी यह जानना जरूरी है कि भद्रा का योग बनेगा या नहीं, ताकि शुभ मुहूर्त में ही रक्षासूत्र बांधा जा सके. आइए जानते हैं रक्षाबंधन की तिथि, भद्रा काल और सही समय.

बिहार, यूपी और झारखंड में कब मनाया जाएगा राखी

बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 (शनिवार) को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. यह तिथि सावन मास की पूर्णिमा को पड़ती है, और पंचांग के अनुसार उदया तिथि होने के कारण इसी दिन पर्व मनाना शुभ माना गया है. उत्तर भारत के सभी राज्यों में रक्षाबंधन इसी तिथि को एक समान रूप से मनाया जाएगा.

रक्षाबंधन कब, सिर्फ इतने घंटे मिलेगा शुभ समय, जानें राखी बांधने का सही वक्त

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

राखी बांधने का श्रेष्ठ समय सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा.

इस दिन भद्रा काल सुबह तक ही समाप्त हो जाएगा, जिससे राखी बांधने के समय पर कोई विघ्न नहीं रहेगा और पूरे दिन शुभता बनी रहेगी.

पर्व का परंपरागत महत्व

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचनों का प्रतीक है. बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, वहीं भाई जीवनभर रक्षा और सहयोग का वचन देते हैं.

रक्षा बंधन से जुड़ी परंपरा

इस पर्व की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गहराई को श्रीकृष्ण-द्रौपदी और रानी कर्णावती-हुमायूं जैसी कथाएं उजागर करती हैं, जो रक्षासूत्र की महिमा को दर्शाती हैं.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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