Pradosh Vrat 2026: विवाह में हो रही है देरी, नहीं मिल रहा मनचाहा वर? प्रदोष व्रत के दिन करें मां पार्वती के इन मंत्रों का जाप

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत के दिन केवल भगवान शिव की ही आराधना नहीं की जाती, बल्कि इस दिन माता पार्वती की पूजा भी की जाती है. यदि आपके विवाह में समस्या आ रही है या आत्मविश्वास की कमी है, तो ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन माता पार्वती के खास मंत्रों का जाप अवश्य करें.

Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को संकटों को हरने वाला और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला एक पवित्र व्रत माना जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस पावन तिथि पर जो भक्त महादेव के साथ जगजननी पार्वती की आराधना करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता, रोग और अशांति का नाश हो जाता है. माता पार्वती करुणा और सौभाग्य की देवी हैं. इस दिन माता पार्वती के मंत्रों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि माता के विशेष मंत्रों का जाप न केवल वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है, बल्कि साधक को आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति से भी भर देता है.

1. माता पार्वती के सरल मंत्र

मंत्र:
ॐ गौर्यै नमः
ह्रीं गौर्यै नमः
ॐ पार्वत्यै नमः

महत्व: ये माता पार्वती के सबसे सरल मंत्र हैं. माता के गौर (उज्ज्वल) स्वरूप की वंदना, पूजा और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इन मंत्रों का जाप किया जाता है.

2. भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त मंत्र

मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः

महत्व: इस मंत्र का जाप भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करते समय किया जाता है. माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और समाज में मान-सम्मान की वृद्धि होती है.

मंत्र: ॐ साम्ब शिवाय नमः

महत्व: यदि विवाह में दिक्कतें आ रही हों, तो ऐसे में इस मंत्र का जाप बेहद लाभदायक माना जाता है. मान्यता है कि इसके उच्चारण से विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

3. शीघ्र विवाह हेतु स्वयंवर पार्वती मंत्र

मंत्र:

ॐ ह्रीं योगिनी योगिनी योगेश्वरी योग भयंकारी,
सकल स्थावर जंगमस्य मुख हृदयं मम वशं आकर्षय आकर्षय नमः॥

महत्व: माना जाता है कि यह मंत्र माता पार्वती को ऋषि दुर्वासा से प्राप्त हुआ था. इसी मंत्र के प्रभाव से उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था. यह मंत्र विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करता है और आकर्षण शक्ति को बढ़ाता है. यदि किसी महिला के विवाह में देरी हो रही हो, तो उसे इस मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat Shiv Ji Ki Arti: प्रदोष व्रत भोले बाबा को प्रसन्न करने का उत्तम दिन, करें महादेव की आरती

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >