Pithori Amavasya 2021 Date: हिंदू धर्म में भाद्रपद मास की अमावस्या का विशेष महत्व होता है. भादो मास में पड़ने वाली अमावस्या को पिठौरी अमावस्या और कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. पिठौरी अमावस्या 7 सितंबर 2021 दिन सोमवार को पड़ रही है.
इस दिन स्नान, दान और पितरों के लिए तर्पण करना शुभकारी और मंगलकारी माना जाता है. पिठौरी अमावस्या के दिन महिलाएं अपने पति और बच्चों के लिए व्रत रखती हैं. इस दिन देवी दुर्गा जी की पूजा की जाती है.
भाद्रपद अमावस्या की तिथि और शुभ मुहूर्त
-
अमावस्या तिथि आरंभ 6 सितंबर 2021 की शाम 07 बजकर 40 मिनट पर
-
अमावस्या तिथि समाप्त 7 सितंबर 2021 की शाम 06 बजकर 23 मिनट पर
पिठौरी अमावस्या पूजा विधि
-
इस दिन सुबह उठकर पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
-
स्नान के बाद साफ कपड़े पहन लें और व्रत का संकल्प लें.
-
इस दिन 64 देवियों की आटे से प्रतिमा बनाने का विधान है.
-
मूर्तियों के गहने बनाने के लिए बेसन का आटा गूंथकर उससे हार, मांग टीका, चूड़ी, कान और गले के बनाकर देवी को चढ़ाएं.
-
सभी देवताओं को एक प्लेट में रखकर उन पर पुष्प चढ़ाएं.
-
पूजा के लिए गुझिया, शक्कर पारे, गुज के पारे और मठरी बनाएं और देवी-देवताओं को भोग लगाएं.
-
पूजा के बाद आटे से बनाए देवी-देवताओं की आरती करें.
-
पूजा-अर्चना करने के बाद पंडित को खाना खिलाएं और दान-दक्षिणा देकर विदा करें.
Posted by: Radheshyam Kushwaha
