Neem Karoli Baba को कंबल चढ़ाते समय कहें ये मंत्र, बरसेगी कृपा

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा को कंबल चढ़ाना भक्तों की ओर से एक विशेष श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है. मान्यता है कि सेवा भाव से अर्पित कंबल बाबा की कृपा पाने का माध्यम बनता है. यदि कंबल चढ़ाते समय सही मंत्र बोले जाएं, तो जीवन में सुख-शांति और आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होते हैं.

Neem Karoli Baba Bhakti Tips: नीम करोली बाबा को भक्ति और समर्पण से अर्पित किया गया हर उपहार, खासकर कंबल चढ़ाना, भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और बाबा की कृपा प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गहरे श्रद्धा भाव का प्रतीक माना जाता है.

Neem Karoli Baba Bhakti Tips: नीम करोली बाबा को भक्ति और समर्पण से अर्पित किया गया हर उपहार, खासकर कंबल चढ़ाना, भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और बाबा की कृपा प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गहरे श्रद्धा भाव का प्रतीक माना जाता है.

क्या बोलें कंबल चढ़ाते समय?

जब आप बाबा को कंबल अर्पित करें, तो शांत मन से निम्न वाक्य कह सकते हैं:

“हे बाबा नीम करोली, यह कंबल आपकी सेवा में समर्पित है. जैसे आप अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, वैसे ही मेरे जीवन में भी कृपा बनाए रखें. या फिर – “जय बाबा नीम करोली, यह मेरी श्रद्धा की भेंट है, कृपया स्वीकार करें.” भाषा मायने नहीं रखती, बस भावना सच्ची होनी चाहिए.

नीम करोली बाबा को कंबल अर्के दौरान रखें ये बातें ध्यान में

  • साफ और नया कंबल अर्पित करें, उपयोग किए गए वस्त्र या कंबल बाबा को न चढ़ाएं.
  • कंबल चढ़ाने से पहले स्नान करें और शुद्ध वस्त्र पहनें.
  • बिना दिखावे के सेवा करें, बाबा के प्रति भक्ति ही सबसे बड़ा साधन है.
  • फरियाद न करें, केवल प्रार्थना करें. बाबा सब जानते हैं.

नीम करोली बाबा को कंबल चढ़ाना एक आध्यात्मिक साधना है. अगर आप सच्चे मन से श्रद्धा और भक्ति के साथ यह सेवा करते हैं, तो बाबा की कृपा निश्चित ही मिलेगी. यह परंपरा आपको न केवल आंतरिक शांति देती है, बल्कि बाबा से जुड़ने का एक सुंदर माध्यम भी बनती है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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