Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी मानी जाती है. साल 2026 में यह पर्व 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ रात्रि में चंद्रदेव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है.मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होते हैं. कहा जाता है कि इस दिन चंद्रदेव को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है.
चंद्रदेव को अर्घ्य कैसे दें?
- माघ पूर्णिमा के दिन शाम के समय स्नान करके स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण करें. फिर विधि-पूर्वक भगवान नारायण की पूजा करें. इसके बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देने के लिए थाली तैयार करें.
- अर्घ्य देने के लिए चांदी या तांबे के लोटे का प्रयोग करें. चांदी का पात्र चंद्रमा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.
- लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत, सफेद फूल और चंदन मिलाएं.
- इसके बाद चंद्रमा की ओर मुख करके खड़े हों और धीरे-धीरे जल को नीचे गिराएं. ध्यान रखें कि जल अर्पित करते समय आपकी दृष्टि चंद्रमा पर हो. अर्घ्य देते समय चंद्र देव के मंत्र का जाप करें—
मंत्र-
1)ॐ सों सोमाय नमः
2)ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः.
माघ पूर्णिमा पर अर्घ्य देने के लाभ
- मानसिक शांति: चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए इस दिन पूजा करने और अर्घ्य देने से तनाव और मानसिक विकार दूर होते हैं.
- चंद्र दोष से मुक्ति: यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, तो माघ पूर्णिमा का अर्घ्य उसे मजबूती प्रदान करता है.
- मां लक्ष्मी की कृपा: कहा जाता है कि चंद्रदेव को अर्घ्य देने से आर्थिक तंगी दूर होती है और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.
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