शरीर के इन अंगों पर छिपकली गिरना देता है शुभ-अशुभ संकेत, जानें सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है

Lizard falling: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार शरीर के अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरना शुभ और अशुभ संकेत देता है. जानें सिर, माथे, नाक और हाथ पर गिरने का क्या अर्थ माना जाता है.

Lizard falling: घर में छिपकली दिखाई देना आम बात है, लेकिन जब छिपकली अचानक किसी व्यक्ति के शरीर पर गिर जाए तो डर लगना स्वाभाविक है. हालांकि, सामुद्रिक शास्त्र में इसे केवल संयोग नहीं माना गया है. मान्यता है कि शरीर के अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरने के अलग-अलग संकेत और फल होते हैं. कहीं इसे शुभ माना गया है तो कहीं सावधानी बरतने का संकेत बताया गया है.

सिर पर छिपकली गिरना

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार सिर पर छिपकली गिरना बेहद शुभ माना जाता है. यह संकेत देता है कि व्यक्ति को धन लाभ, पद-प्रतिष्ठा या किसी बड़े अवसर की प्राप्ति हो सकती है. कई लोग इसे जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकेत भी मानते हैं.

माथे पर छिपकली गिरने का अर्थ

यदि छिपकली माथे पर गिर जाए तो इसे सामाजिक सम्मान और पुराने संबंधों से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि जल्द ही किसी रिश्तेदार, मित्र या पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है. साथ ही यह व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत भी माना जाता है.

नाक पर छिपकली गिरना

नाक पर छिपकली गिरने को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने का संकेत देता है. ऐसे में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

हाथ और पैरों पर छिपकली गिरना

हाथ पर छिपकली गिरना आर्थिक लाभ और सफलता का संकेत माना जाता है. वहीं पैरों पर गिरना यात्रा, भागदौड़ या जीवन में आने वाली चुनौतियों की ओर इशारा कर सकता है. इसलिए इसे सावधानी बरतने का संकेत माना गया है.

आस्था और मान्यता से जुड़ी बातें

छिपकली गिरने से जुड़े ये संकेत धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें अंधविश्वास के बजाय लोकविश्वास और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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