Kartik Purnima 2024 Shubh Yog: कार्तिक पूर्णिमा पर बन रहा है गजकेसरी और शश राजयोग का दुर्लभ संयोग

Kartik Purnima 2024 Shubh Yog: ज्योतिष के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. इस दिन गजकेसरी योग और बुधादित्य राजयोग का भी निर्माण होगा. इसके अतिरिक्त, कार्तिक पूर्णिमा पर शश राजयोग भी बनेगा और शनि अपनी राशि में मार्गी होने वाले हैं.

Kartik Purnima 2024 Shubh Yog: हिंदू धर्म में कार्तिक माह का विशेष स्थान है, और इस महीने की पूर्णिमा को ‘कार्तिक पूर्णिमा’ के रूप में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है. इस दिन के साथ कई धार्मिक, ऐतिहासिक और ज्योतिषीय मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं. तो आइए, जानते हैं इस पावन दिन के बारे में कुछ खास बातें और धार्मिक मान्यताएं.

गंगा स्नान और सौ यज्ञों का पुण्य

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि इस दिन इन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति को सौ अश्वमेध यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है.श्रद्धालु सूर्योदय के साथ नदियों में स्नान कर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं और नई ऊर्जा के साथ जीवन की शुरुआत करते हैं.

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त्रिपुरासुर का वध और शिव पूजा का महत्व

कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है. पुराणों के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक असुर का संहार किया था. इस कथा के अनुसार, भगवान शिव ने अपनी दिव्य शक्ति से त्रिपुरासुर का अंत करके पृथ्वी और देवताओं को अत्याचार से मुक्ति दिलाई थी. इसलिए इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है.

विष्णु का मत्स्य अवतार

विष्णु पुराण के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था.उन्होंने यह अवतार लेकर संसार की रक्षा की और मनुष्यों को सत्कर्म का मार्ग दिखाया. इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना करते हैं और मानते हैं कि इससे उन्हें धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है.

कार्तिक पूर्णिमा पर गजकेसरी और शश राजयोग का संयोग

इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर गजकेसरी और शश राजयोग का अद्भुत संयोग बन रहा है.ज्योतिष के अनुसार, यह योग बेहद दुर्लभ और शुभ होता है. माना जाता है कि इस योग में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में समृद्धि, सुख और सफलता का संचार होता है. इस दिन पूजा-अर्चना के साथ-साथ विशेष रूप से भोग लगाने का भी विधान है, जिससे देवताओं की कृपा प्राप्त होती है.

दीप जलाने की परंपरा – समृद्धि और सौभाग्य का निमंत्रण

कार्तिक पूर्णिमा की रात को घरों में दीप जलाना बेहद शुभ माना जाता है. यह परंपरा देवताओं का स्वागत करने और उन्हें आशीर्वाद देने का प्रतीक मानी जाती है. दीप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.इस दिन विशेष रूप से गंगा किनारे या नदी के तट पर दीपदान की परंपरा भी है, जिससे भक्त अपनी भक्ति और श्रद्धा का प्रदर्शन करते हैं.

पूजा और दान का शुभ मुहूर्त

कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूजा और दान का सबसे उत्तम समय सुबह 8:46 बजे से 10:26 बजे तक है. स्नान का मुहूर्त सुबह 6:28 बजे से 7:19 बजे तक निर्धारित है.इन शुभ समय में किए गए अनुष्ठान और दान से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ और पुण्य की प्राप्ति होती है.

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

भारत में कार्तिक पूर्णिमा केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है. इस दिन को सच्चे हृदय से मनाने वाले लोग मानते हैं कि उन्हें देवताओं का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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