Kalashtami 2026: कालाष्टमी भगवान भैरव की पूजा को समर्पित एक महत्वपूर्ण तिथि है. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं. मान्यता है कि सही तरीके से पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं दूर होती हैं. वहीं कुछ कार्य ऐसे भी हैं जिन्हें इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
किस दिन है कालाष्टमी
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण अष्टमी तिथि का आरंभ 9 अप्रैल को रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगा और इसका समापन 10 अप्रैल को रात 11 बजकर 15 मिनट पर होगा. उदयातिथि के मुताबिक, इस साल वैशाख कालाष्टमी 10 अप्रैल को मनाई जाएगी.
मांस-मदिरा का सेवन
कालाष्टमी के दिन मांस, शराब या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन वर्जित माना गया है. इससे पूजा का फल कम हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
झूठ बोलना और विवाद करना
इस दिन झूठ बोलना, किसी से बहस करना या अपशब्द कहना अशुभ माना जाता है. यह भगवान भैरव को अप्रसन्न कर सकता है और जीवन में अशांति ला सकता है.
देर तक सोना
कालाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और पूजा करना शुभ होता है. देर तक सोना या आलस्य करना इस दिन की पवित्रता को प्रभावित करता है.
कुत्तों को अनदेखा करना
भगवान भैरव का वाहन कुत्ता माना जाता है. इस दिन कुत्तों को भोजन कराना शुभ माना जाता है. उन्हें अनदेखा करना या भगाना अशुभ फल दे सकता है.
पूजा में लापरवाही
पूजा के दौरान नियमों की अनदेखी या मन से पूजा न करना भी गलत माना जाता है. श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करना ही इस दिन का मुख्य उद्देश्य है.
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कालाष्टमी का दिन आत्मशुद्धि और भक्ति का अवसर है. इस दिन गलत कार्यों से बचकर और सच्चे मन से पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता और सुरक्षा बनी रहती है.
