Hariyali Teej Paran Rules: हरियाली तीज का पावन पर्व आज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाया जा रहा है. इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हैं. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं. वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने की कामना से हरियाली तीज का व्रत करती हैं. कई महिलाएं इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं. जिस तरह व्रत का धार्मिक महत्व है, उसी तरह इसके पारण को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं हरियाली तीज व्रत का पारण कैसे करें.
हरियाली तीज व्रत पारण का शुभ समय
हरियाली तीज का व्रत कब खोलना है, इसे लेकर भारतीय परिवारों में अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, तृतीया तिथि समाप्त होने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. इस साल 15 अगस्त को तृतीया तिथि शाम 5:28 बजे समाप्त होगी. इसके बाद पूजा और दान करने के बाद व्रत खोला जा सकता है. वहीं, कई घरों में अगले दिन व्रत खोलने की परंपरा है. ऐसे में 16 अगस्त को सुबह 7:29 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक पारण किया जा सकता है.
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हरियाली तीज का व्रत कैसे खोलें?
- सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें. भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. धूप, दीप, फूल, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें. इसके बाद व्रत पूर्ण होने की प्रार्थना करें.
- अगर तीज की पूजा के लिए मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाई गई है, तो पूजा के बाद उसका विधिपूर्वक विसर्जन करें.
- पूजा में भगवान को लगाए गए भोग से व्रत खोलें. सबसे पहले थोड़ा पानी पिएं. इसके बाद फल या हल्का भोजन ग्रहण करें.
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हरियाली तीज व्रत पारण के समय इन गलतियों से बचें
- व्रत खोलते ही भारी, तला-भुना या अधिक मसालेदार भोजन न करें.
- पारण के समय सात्विक भोजन ग्रहण करें.
- पूजा किए बिना व्रत न खोलें.
- पारण के समय क्रोध, तनाव और विवाद से बचें.
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