Hartalika Teej 2026: आज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी 14 सितंबर 2026 को सुहागन स्त्रियों द्वारा हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है. आज के दिन शिव पार्वती की पूजा की जाती है, वैसे भी आज सोमवार का दिन है, ये दिन भगवान शिव को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है. आइए जानें हरतालिका तीज व्रत की पूजा विधि, मंत्र, सामग्री और आरती
इस समय करें शिव-पार्वती की पूजा
पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज पर आज शिव जी और माता पार्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. अगर सुबह का समय छूट जाए, तो शाम को प्रदोष काल में भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जा सकती है. प्रदोष में पूजा के लिए शुभ समय शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 8 बजकर 22 मिनट तक रहेगा.
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हरतालिका तीज 2026 पूजा सामग्री
हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधि-विधान से की जाती है. पूजा के लिए पहले से सभी जरूरी सामग्री जुटा लेना बेहतर माना जाता है. पूजा की थाली में निम्न सामग्री रखें
हरतालिका तीज 2026 पूजा सामग्री
- एक चौकी या पूजा के लिए आसन
- बालू या पवित्र मिट्टी से बनी भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाएं
- पूजा के लिए कलश जल और गंगाजल
- नारियल
- केले के पत्ते (मंडप सजाने के लिए)
- फूल और फूलों की माला
- दूर्वा घास
- बेलपत्र
- शमी के पत्ते
- पान के पत्ते और सुपारी
- कच्चा सूत और मौली
- रोली, कुमकुम और हल्दी
- चंदन
- अक्षत यानी चावल
- कच्ची हल्दी की गांठें
- गेहूं या चावल
- घी का दीपक
- रुई और माचिस
- कपूर अगरबत्ती या धूपबत्ती
- पंचामृत के लिए दूध, दही, शहद, शक्कर और घी
- फल और मिठाइयां
- खीर और हलवा
- भिगोए हुए चने
- सुहाग सामग्री: लाल चुनरी, बिंदी, चूड़ियां, आलता, मेहंदी, सिंदूर, काजल, कंघी, बिछिया, पायल और अन्य श्रृंगार सामग्री
हरतालिका तीज 2026 पूजा विधि
हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर महिलाएं सुखी वैवाहिक जीवन, पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं. पूजा की विधि इस तरह कर सकते हैं
- सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें.
- घर के पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें. चौकी पर कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें.
- भगवान शिव को जल और पंचामृत अर्पित करें. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, फूल, चंदन और अक्षत चढ़ाएं.
- मां गौरी को कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, फूल और सुहाग की सामग्री अर्पित करें.
- गणपति को दूर्वा, फूल, अक्षत और मोदक या मिठाई अर्पित करके विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना करें.
- भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी को फल, मिठाई या घर में तैयार प्रसाद का भोग लगाएं.
- धूप और दीप जलाने के बाद हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करें या परिवार के साथ कथा सुनें.
- पूजा के अंत में शिव-पार्वती और गणेश जी की आरती करें.
- अंत में पति की लंबी उम्र, दांपत्य जीवन में प्रेम-सौहार्द और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें.
शिव जी का मूल मंत्र
ऊँ नम: शिवाय।।
यह है शिव के प्रिय मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।
माता पार्वती का मंत्र
ॐ पार्वत्यै नमः ॐ उमाये नमः
हरतालिका तीज आरती
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता...
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
