आज गुरुवार को नहीं कटवाए बाल और नाखून, संतान पर पड़ेगा बुरा असर

Guruwar Niyam: गुरुवार के दिन शास्त्रों में कई कार्यों को निषिद्ध माना गया है. इन कार्यों को इस दिन करने से भगवान विष्णु और बृहस्पति देव असंतुष्ट हो जाते हैं, जिससे घर में दरिद्रता का आगमन होता है.

Guruwar Niyam: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की आराधना की जाती है. यह दिन गुरु बृहस्पति ग्रह से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए इस दिन कुछ कार्य करना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ कार्यों से बचना चाहिए, ताकि कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति कमजोर न हो.

गुरुवार के दिन ये कार्य करना वर्जित

भारत में प्रचलित परंपराओं के अनुसार, गुरुवार के दिन महिलाओं के लिए बाल धोना वर्जित माना जाता है. इसके अतिरिक्त, इस दिन कपड़े धोने, पोंछा लगाने, शेविंग करने और बाल काटने जैसी गतिविधियों से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे ज्योतिषीय कारण भी हैं.

कितने गुरुवार व्रत रखना होता है शुभ, जानें कब करें उद्यापन 

गुरुवार को बाल और नाखून नही कटवाने के कारण

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, गुरुवार का दिन देव गुरु बृहस्पति के लिए समर्पित है. बृहस्पति ज्ञान, धन, संतान और पारिवारिक सुख का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बाल कटवाने से गुरु की शक्ति में कमी आती है और गुरु से संबंधित विषयों में बाधा उत्पन्न होती है. महिलाओं की जन्म कुंडली में बृहस्पति पति और संतान का प्रतीक होता है. इस संदर्भ में, बृहस्पति ग्रह संतान के साथ-साथ पति के जीवन पर भी प्रभाव डाल सकता है.

शेविंग करना

ज्योतिष के अनुसार, जन्म कुंडली में दूसरा और ग्यारहवां भाव धन के प्रतीक होते हैं, और इन दोनों भावों के स्वामी बृहस्पति हैं. इसलिए गुरुवार को शेविंग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बृहस्पति की शक्ति कमजोर होती है, जो धन की हानि का कारण बन सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >