Garud Puran: गरुड़ पुराण में भी है पत्नी के गुणों का सुंदर वर्णन, जानें यहां

Garud Puran: शास्त्रों में पत्नी को “वामांगी” कहा गया है, यानी पति के बाएं अंग की अधिकारी. यह मान्यता सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि जीवन के गहरे सत्य को दर्शाती है. पत्नी परिवार की लक्ष्मी, घर की संरक्षक और पति के जीवन का आधार मानी जाती है. जानिए इसके पीछे छिपे शास्त्रीय कारण. स्त्री की सुंदरता का गरुण पुराण में भी वर्णन है. आइए जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से

Garud Puran: हिंदू शास्त्रों में पत्नी को “वामांगी” कहा गया है, जिसका मतलब होता है पति के बाएं अंग की अधिकारिणी. माना जाता है कि पुरुष के शरीर का बायां हिस्सा स्त्री का प्रतीक है. यह विचार भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप से लिया गया है, जिसमें शिव के शरीर का बायां भाग पार्वती का है. इससे यह स्पष्ट होता है कि स्त्री पुरुष का अभिन्न हिस्सा है. हस्तरेखा विज्ञान में भी कहा गया है कि पुरुष की दाईं हथेली उसके जीवन के संकेत दिखाती है और बाईं हथेली उसकी पत्नी या जीवनसंगिनी के बारे में जानकारी देती है. यानी प्रकृति भी स्त्री को पुरुष की “वामांगी” ही बताती है.

कुछ कामों में पत्नी को पति के बाईं तरफ रहना चाहिए

शास्त्रों में कहा गया है कि पत्नी को कुछ कामों में पति के बाईं तरफ रहना चाहिए—जैसे सोते समय, पूजा में, आशीर्वाद लेते समय, भोजन करते हुए और सिंदूरदान के समय. इन स्थितियों में बाईं ओर बैठना शुभ माना गया है और इससे दांपत्य जीवन में सौभाग्य बढ़ता है.

कुछ नियमों में पत्नी को पति के दाईं ओर बैठने का नियम

लेकिन कुछ विशेष कामों में पत्नी को पति के दाईं ओर बैठने का नियम है. जैसे—कन्यादान, यज्ञ, विवाह, नामकरण, अन्नप्राशन आदि. इसका कारण यह है कि ये सभी कर्म पारलौकिक और पुरुष प्रधान माने जाते हैं, इसलिए पत्नी दाईं तरफ रहती है. वहीं, गृहस्थी और दैनिक जीवन के काम स्त्री प्रधान माने जाते हैं, इसलिए उनमें वह पति के बाईं ओर रहती है.

पत्नी को केवल “वामांगी” ही नहीं, बल्कि पति के जीवन का पूरा आधा हिस्सा माना गया है. पत्नी घर की लक्ष्मी है, घर को संभालने वाली, वातावरण को शांत और खुशहाल बनाने वाली और परिवार की नींव होती है. महाभारत में भी भीष्म पितामह ने कहा है कि पत्नी को प्रसन्न रखना चाहिए, क्योंकि वही घर में खुशियां और समृद्धि लाती है.

गरुड़ पुराण में भी पत्नी के गुणों का बहुत सुंदर वर्णन मिलता है. उसमें कहा गया है कि जिस स्त्री में ये गुण हों, वह पति के लिए सौभाग्य का कारण बनती है—

गृहकार्य में दक्ष

पति-पत्नी दोनों के लिए घर एक जिम्मेदारी है, लेकिन घर की व्यवस्था संभालने में पत्नी की भूमिका अहम होती है. एक गुणी पत्नी वही है जो भोजन बनाना, सफाई, सजावट, जरूरतों का ख्याल रखना जैसे काम सहजता से निभाए.

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प्रियवादिनी — मीठा बोलने वाली

जो स्त्री संयमित भाषा में, प्रेम से और सम्मान के साथ बात करे, वह घर में कभी कलह नहीं आने देती. ऐसी पत्नी को घर का सौभाग्य माना जाता है.

पति-परायणता और परिवार के प्रति समर्पण

शादी के बाद नए रिश्तों को अपनाना, घर के सभी सदस्यों की भावनाओं को समझना और परिवार की भलाई के बारे में सोचना स्त्री का पहला धर्म माना गया है. गरुड़ पुराण कहता है कि जो पत्नी अपने पति और परिवार के हित में सोचती है, वही सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ पत्नी है. अंत में, शास्त्रों के अनुसार पत्नी वह है जो पति के जीवन को पूरा करती है, उसकी हर खुशी और दुख में साथ देती है और परिवार को आगे बढ़ाती है. इसीलिए उसे “वामांगी”—अर्थात् पति का बायां और सबसे प्रिय अंग—कहा गया है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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