शुक्रवार को भूलकर भी पत्नी से न करवाएं ये काम, वरना भुगतना पड़ सकता है नुकसान

Friday Mistakes: शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी के लिए समर्पित होता है, और इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, यदि शुक्रवार को पत्नी से कुछ विशेष कार्य करवाए जाएं, तो दांपत्य जीवन में तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है. जानिए क्या नहीं करना चाहिए.

Friday Mistakes: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सप्ताह के हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता से होता है. शुक्रवार का दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी को समर्पित है. मां लक्ष्मी को धन, समृद्धि, सौभाग्य और शांति की देवी माना जाता है. इसलिए इस दिन विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है, विशेषकर विवाहित जीवन में पत्नी से संबंधित कुछ कार्यों के संदर्भ में. ऐसा माना जाता है कि यदि शुक्रवार को कुछ विशेष कार्य पत्नी से करवाए जाएं, तो इसका दांपत्य और आर्थिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

घर की सफाई या झाड़ू-पोंछा ना करवाएं

शास्त्रों के अनुसार, शुक्रवार को पत्नी से झाड़ू-पोंछा करवाना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर की लक्ष्मी, अर्थात पत्नी के सौभाग्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.

व्रत तुड़वाना या पूजा में रुकावट डालना

यदि पत्नी शुक्रवार को व्रत करती हैं या मां लक्ष्मी की पूजा कर रही हैं, तो इसमें कोई रुकावट न डालें. यह दिन आध्यात्मिक शांति और भक्ति का होता है, और पति को चाहिए कि वह पत्नी का सहयोग करें.

अपमानजनक व्यवहार से बचें

शुक्रवार को पत्नी के साथ विवाद, कटु शब्दों का प्रयोग या अपमान करना अत्यंत अशुभ माना जाता है. इससे न केवल वैवाहिक जीवन में कड़वाहट उत्पन्न होती है, बल्कि देवी लक्ष्मी की कृपा भी कम हो सकती है.

मूल्यवान चीजों की जबरन जिम्मेदारी ना दें

  • इस दिन पत्नी पर आर्थिक जिम्मेदारियों या भारी कार्य का दबाव डालना भी अनुचित माना गया है. ऐसा करने से घरेलू विवाद और मानसिक तनाव में वृद्धि हो सकती है.
  • शुक्रवार को पत्नी के साथ स्नेह, सम्मान और सहयोग का भाव रखना चाहिए. मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए जरूरी है कि घर की लक्ष्मी यानी पत्नी को इस दिन विशेष सम्मान दिया जाए. तभी घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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