Bindi Importance: बाथरूम की दीवारों पर बिंदी चिपकाने वाली महिलाएं हों सतर्क, ऐसे करने से पति के साथ ...

Bindi Importance: बहुत सी विवाहित महिलाएं बाथरूम की दीवारों और शीशे पर अपनी बिंदी चिपका देती है. ऐसा करने से क्या नुकसान हो सकता है और पति पर इससे क्या प्रभाव पड़ता है आइए जानें

Bindi Importance: कई घरों में देखा गया है कि विवाहित महिलाएं अपनी माथे पर लगी बिंदी बाथरूम की दीवार पर या आइने पर चिपका देती हैं. ऐसा करना क्या सही है या फिर ऐसा करने से कुछ नुकसान है, इसके बारे में हमें बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा

जो स्त्री श्रृंगार या स्नान करते समय अपनी बिंदी बाथरूम की दीवार या आईने में लगा देती हैं, इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है. ईश्वर द्वारा दी गई सौभाग्य का अनादर माना गया है. बाथरूम की दीवार या शीशें में बिंदी चिपकाने से पति के किए गए अच्छे कर्म पर दुर्षप्रभाव पड़ता है. इसका असर पति पर के कर्मों पर पड़ता है.

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दोबारा प्रयोग कर सकते हैं वो बिंदी

आप खुद के द्वारा प्रयोग में लाई हुई बिंदी का प्रयोग दोबारा कर सकते हैं. इससे कोई नुकसान नहीं होता है.

बिंदी का महत्व

आयुर्वेद के अनुसार, महिलाओं द्वारा बिंदी लगाने से उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होता है. बिंदी लगाने से महिलाओं का मानसिक संतुलन बेहतर होता है, जिससे उन्हें गहरी नींद प्राप्त होती है. आज्ञा चक्र के मध्य में शरीर की सभी नसें एकत्रित होती हैं, इसलिए बिंदी लगाने से माथे के बीच में दबाव उत्पन्न होता है, जो तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होता है. बिंदी लगाने से महिलाओं का ध्यान केंद्रित होता है और उनकी एकाग्रता में वृद्धि होती है. इसके अतिरिक्त, बिंदी लगाने से महिलाओं की श्रवण क्षमता में भी सुधार होता है, क्योंकि कान की नसें भी माथे के माध्यम से गुजरती हैं. एक्यूप्रेशर तकनीक के अनुसार, माथे पर दबाव डालने से सिरदर्द में राहत मिलती है.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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