Basant Panchami 2025: त्रिग्रही योग में बसंत पंचमी कल, बुध-गुरु और चंद्रमा मिलकर बना रहे दुर्लभ संयोग

Basant Panchami 2025: बसंत पंचमी की पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगा.

Basant Panchami 2025: बसंत उत्सव की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. तीन फरवरी को बसंत पंचमी के दिन शुभ संयोग (त्रिग्रही योग) बन रहा है. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष कृपा बरसेगी. बंजारी रोड स्थित ज्योतिष परामर्श केंद्र के ज्योतिष विशेषज्ञ दैविज्ञ अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि तीन फरवरी को बसंत पंचमी के दिन शुभ संयोग बन रहा है. इस दिन बुध, गुरु तथा चंद्रमा मिलकर त्रिग्रह योग बना रहे हैं. इससे मां सरस्वती की विशेष कृपा बरसेगी. मां शारदे की पूजा व अनुष्ठान की तैयारी में युवाओं का उत्साह चरम पर है.

जीवंत प्रतिमा बनाने में जुटे हैं मूर्तिकार

गोपालगंज मूर्तिकारों का कहना है कि कई श्रद्धालु मूर्ति के लिए अग्रिम बुकिंग करा चुके हैं. हम लोग भी जोर-शोर से तैयारी में जुट गये हैं, ताकि तय तिथि तक मूर्तियों को अंतिम रूप दे सकें. गांधी मैदान में प्रतिमा बना रहे मूर्तिकार जय मंगल का कहना है कि लगातार बढ़ रही महंगाई का असर जरूर पड़ा है. लोग सस्ते दामों में प्रतिमा खरीदना चाहते हैं. हमारे यहां 1500 रुपये से लेकर छह हजार रुपये तक की प्रतिमा उपलब्ध है.

पूजा सामग्री के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़

सरस्वती पूजा को लेकर पूजन एवं अन्य सामग्री की खरीदारी को लेकर शनिवार को बाजार में विशेष चहल-पहल रही. पूजन सामग्री एवं सजावट में काम आनेवाली सामग्रियों की दुकानों पर मिट्टी का कलश, चौमुखी दीप, धूपदानी, अगरबत्ती, तिल, अरवा चावल, सुपारी, हल्दी, चंदन के अलावा प्रसाद के लिए मिसरीकंद, बैर, गाजर, सेव, केला, संतरा, बुंदिया आदि की लोगों ने खरीदारी की. सामान खरीदने को लेकर शहर के मौनिया चौक, मेन रोड, बड़ी बाजार, सिनेमा रोड, आंबेडकर चौक, थाना रोड, घोष मोड़ समेत प्रमुख सड़कों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रही.

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बाजार में चुनरी, मुकुट व माले की डिमांड

सरस्वती पूजा कल है. इसको लेकर बाजार में मां शारदे की विभिन्न आकार की मूर्तियां, पूजन सामग्री, मां की शृंगार सामग्री, रंगीन और प्रिंटेड चुनरी, मोती, माला व मुकुट की जमकर खरीदारी की जा रही है. मां शारदे कहीं हंस पर सवार हैं, तो कहीं वीणा-पुस्तक धारण की हुई हैं. कई श्रद्धालु भीड़ से बचने के लिए अभी से पूजन सामग्री खरीद रहे हैं. पूजन सामग्री में विद्या की देवी के लिए सबसे महत्वपूर्ण कलम-दवात की मांग अधिक है. वहीं, मोली (कच्चे धागे), छोटी-छोटी बोतल में गंगाजल, मधु, गाय घी, अगरबत्ती, कर्पूर, जनेऊ, जौ, तिल, चावल, धान जैसी सामग्री मिल रही है.

बसंत पंचमी को लेकर कपड़ा बाजार में पीली साड़ी और सूट की खरीदारी शुरू हो गयी है. क्योंकि, सरस्वती पूजा पर महिलाएं पीली साड़ी और सूट पहनना अधिक पसंद करती हैं. इसके कारण सरस्वती पूजा में पीले रंग की साड़ी और सलवार सूट को पहनने में महिलाएं व युवतियां प्राथमिकता देती हैं. यही कारण है कि कपड़ा मार्केट में एक से एक डिजाइन में पीले रंग की साड़ियों और सूट का काफी स्टॉक दुकानों में उपलब्ध है.

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लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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