Baba Dham Jhulanotsav: देवघर के बाबा मंदिर सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में रविवार से पांच दिवसीय झुलनोत्सव शुरू हो गया. सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर बाबा नगरी में जहां श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं, वहीं झुलनोत्सव के आयोजन से मंदिरों में भक्ति का माहौल और भी खास हो गया है. इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की विशेष पूजा-अर्चना कर उन्हें झूले पर झुलाने की परंपरा निभाई जा रही है.
बाबा मंदिर में विधि-विधान से हुई पूजा
बाबा मंदिर के भीतरखंड कार्यालय स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में रविवार रात करीब नौ बजे झुलनोत्सव पूजा शुरू हुई. मंदिर महंत सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा की देखरेख में मंदिर के उपचारक सह पुजारी भक्तिनाथ फलहारी के नेतृत्व में पुजारी भरत श्रृंगारी और आचार्य गुलाब पंडित ने भगवान कृष्ण और राधारानी की विशेष पूजा कराई. इस दौरान भगवान को कई प्रकार के मिष्ठान का भोग लगाया गया. आरती के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान को झूले पर झुलाया.
फूलों और आकर्षक सजावट से सजे मंदिर
झुलनोत्सव को लेकर बाबा मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है. मंदिर के पूरब द्वार, सनबेल बाजार और राम मंदिर रोड स्थित मंदिरों में भी विशेष सजावट की गई है. पांच दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान के आकर्षक झूलन स्वरूप के दर्शन का अवसर मिलेगा.
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राम मंदिर रोड में दो दिवसीय मेला
झुलनोत्सव के अवसर पर राम मंदिर रोड में 28 और 29 अगस्त को दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा. आयोजन को लेकर पूरे इलाके में सजावट की जा रही है. मेले में शहरवासियों की बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है. उत्सव के दौरान विभिन्न मंदिरों में भगवान कृष्ण और राधारानी की विशेष पूजा-अर्चना जारी रहेगी.
बाबा मंदिर में छप्पन भोग और महाप्रसाद
बाबा मंदिर में 27 अगस्त को झुलनोत्सव का विधिवत समापन होगा. अंतिम दिन विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण होगा. वहीं, अन्य स्थानों पर 28 अगस्त को उत्सव का समापन किया जाएगा.
रिखियापीठ में भी भक्ति की विशेष तैयारी
रिखियापीठ में श्रीराधा-कृष्ण झूलन महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पांच दिवसीय आयोजन में कदंब की डाली से विशेष झूला तैयार किया गया है, जिसे रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है. प्रतिदिन शाम 5:30 से 7 बजे तक भजन, कीर्तन, मंत्रोच्चार, हवन और नृत्य के माध्यम से राधा-कृष्ण की आराधना होगी. पूरे आयोजन के दौरान परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहेगा.
जन्माष्टमी की भी तैयारी शुरू
देवघर के कालीरेखा मातृ कॉलोनी स्थित कुष्ठाश्रम में चार सितंबर से अखंड हरिनाम संकीर्तन के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह शुरू होगा. विभिन्न राज्यों से कीर्तन मंडलियां इसमें शामिल होंगी. शनिवार को हवन के बाद आयोजन का समापन और दोपहर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा.
